शादियों के पंजीकरण का बिहार में चलन बढ़ा, पटना सबसे आगे

बिहार में शादियों का पंजीकरण कराने की दिलचस्पी लोगों में बढ़ी है। इस मामले में सबसे अव्वल पटना है। यहां राज्य में सबसे ज्यादा शादियां पंजीकृत हुई हैं।

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पटना: प्रदेश सरकार ने बीते दो सालों का विवाह पंजीकरण के आंकड़े शेयर किए हैं। मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग के अनुसार, विशेष विवाह अधिनियम, 1954 के तहत इस साल जनवरी से अप्रैल तक पूरे प्रदेश में 869 शादियां हुईं। वहीं, इस बीच 2,821 जोड़ों ने विवाह का पंजीकरण करवाया।
इसमें पटना सबसे आगे रहा। दो साल के आंकड़ों के हिसाब से, 2023 से अप्रैल 25 के बीच 4,138 विवाह संपन्न हुए और 4,439 ने पंजीकरण करवाया। दूसरे जिलों में भोजपुर में 1,103, गया में 870, मुजफ्फरपुर में 783 और पश्चिम चंपारण में 672 विवाह पंजीकृत हुए।

दो साल में 18,465 विवाह पंजीकृत
पिछले दो सालों में विशेष विवाह अधिनियम के तहत 18,465 विवाह पंजीकृत हुए। इनमें 2023 का आंकड़ा 9,493 और 2024 का 8,972 है। इस दौरान कुल 5,693 विवाह भी संपन्न कराए गए। 

विशेष विवाह अधिनियम, 1954
विवाह निबंधन से न केवल कानूनी मान्यता मिलती है, बल्कि यह जोड़ों के अधिकारों की सुरक्षा भी सुनिश्चित करता है। यह अधिनियम किसी भी धर्म के जोड़ों पर लागू होता है, चाहे वे अंतरधार्मिक विवाह कर रहे हों या नहीं। इसके तहत विवाह के लिए पुरुष की आयु 21 वर्ष और महिला की 18 वर्ष होनी चाहिए। दोनों मानसिक रूप से स्वस्थ होने चाहिए और उनके बीच प्रतिबंधित संबंध नहीं होना चाहिए।

प्रतिबंधित रिश्तों में विवाह पर रोक
विशेष विवाह अधिनियम, 1954 की धारा 2(बी) के तहत प्रतिबंधित रिश्तों की डिग्री के बीच विवाह वर्जित है। यह प्रतिबंध खून के रिश्ते, दत्तक ग्रहण (गोद लिए गए रिश्ते), पूर्ण रक्त (एक ही माता-पिता से जन्में), अर्ध रक्त (एक ही पिता, लेकिन माता अलग) और गर्भ रक्त (एक ही माता, लेकिन पिता अलग) पर लागू होता है। प्रतिबंधित रिश्तों की सूची (प्रथम अनुसूची के अनुसार) पुरुष मां, नानी, बेटी, पोती, इत्यादि और महिला पिता, बेटा, पोता, भाई, भतीजा या अन्य नजदीकी रिश्ते में विवाह प्रतिबंधित है। प्रतिबंधित रिश्तों में विवाह सामान्य रूप से अमान्य माना जाता है।

विवाह पंजीकरण के लिए जरुरी दस्तावेज और शुल्क
विवाह पंजीकरण के लिए जोड़ों की आयु 21 वर्ष होने के साथ उनके पास पहचान प्रमाण, निवास प्रमाण, आयु प्रमाण और विवाह का प्रमाण जैसे जरुरी दस्तावेज होने अनिवार्य हैं। विवाह और पंजीकरण के लिए जोड़े को अपने क्षेत्र के नजदीकी निबंधन कार्यालय में 30 दिन पहले ऑनलाइन या ऑफलाइन रूप में आवेदन करना होगा। पंजीकरण के बाद पति या पत्नी के लिए अलग-अलग विवाह प्रमाण पत्र जारी किया जाता है। विवाह सूचना के लिए शुल्क के तौर पर 100 रुपये, निबंधन शुल्क 200 रुपये, विवाह खोज शुल्क 50 रुपये (चालू वर्ष), विवाह प्रतिलिपि शुल्क 100 रुपये, विवाह कमीशन शुल्क 600 रुपये और विवाह आपत्ति शुल्क 100 रुपये निर्धारित है।

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