पटना। दरभंगा राजघराने की महारानी कामसुंदरी देवी का सोमवार को निधन हो गया। 96 वर्ष की आयु में उन्होंने अंतिम सांस ली। नवंबर 2025 में तबीयत बिगड़ने के बाद से वे अस्वस्थ चल रही थीं। उनके निधन की खबर मिलते ही दरभंगा सहित पूरे बिहार में शोक की लहर दौड़ गई।
दरभंगा रियासत की अंतिम महारानी
महारानी कामसुंदरी देवी, दरभंगा रियासत के अंतिम शासक महाराजा कामेश्वर सिंह की तीसरी पत्नी थीं। महाराजा की पहली पत्नी महारानी राजलक्ष्मी और दूसरी पत्नी महारानी कामेश्वरी प्रिया का पहले ही निधन हो चुका था। महारानी कामसुंदरी देवी का जन्म 1930 के दशक में हुआ था, जबकि उनका विवाह 1940 के दशक में महाराजा कामेश्वर सिंह से हुआ था।
कल्याणी फाउंडेशन की स्थापना
महाराजा कामेश्वर सिंह की स्मृति में महारानी कामसुंदरी देवी ने महाराजाधिराज कामेश्वर सिंह कल्याणी फाउंडेशन की स्थापना की थी। यह फाउंडेशन मिथिला की सांस्कृतिक और साहित्यिक विरासत के संरक्षण के लिए कार्यरत है। जानकारी के अनुसार, फाउंडेशन के माध्यम से महाराजा की निजी लाइब्रेरी में मौजूद हजारों दुर्लभ पुस्तकें और पांडुलिपियां आम लोगों और शोधकर्ताओं के लिए उपलब्ध कराई गईं।
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पति की संपत्तियों को संभाला
महारानी कामसुंदरी देवी दरभंगा राजघराने की अंतिम जीवित सदस्य थीं। महाराजा के निधन के बाद उन्होंने संपत्तियों और ट्रस्टों से जुड़े कई कानूनी विवादों को संभाला। साथ ही, फाउंडेशन के जरिए उन्होंने शिक्षा, संस्कृति और कला के संरक्षण व संवर्धन में महत्वपूर्ण योगदान दिया।



