नालंदा: बिहार में शराबबंदी कानून को सख्ती से लागू करने का दावा करने वाली नीतीश कुमार सरकार को एक बार फिर करारा झटका लगा है। नालंदा जिले के नकटपुरा पंचायत के मुखिया रामप्रवेश मिस्त्री, जिन्हें खुद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पंचायत स्तर पर शराबबंदी को सफल बनाने की जिम्मेदारी सौंपी थी। वही भारी मात्रा में विदेशी शराब की तस्करी में फंसे पाए गए। आगामी पर्व और चुनाव को देखते हुए उत्पाद विभाग के सहयोग से पुलिस की छापेमारी में न केवल 53 कार्टून विदेशी शराब बरामद हुई, बल्कि कचरा अवशिष्ट प्रबंधन केंद्र के भवन से भी 60 कार्टून बियर और 15 खुली बोतलें भी जब्त की गईं। इस कार्रवाई में मुखिया समेत चार लोग गिरफ्तार किया है।
53 कार्टून विदेशी शराब जब्त की
सदर डीएसपी नूरुल हक़ ने मंगलवार को संवाददता सम्मेलन में बताया कि नकटपुरा पंचायत के मुखिया और उसके सहयोगी बियर की खेप को कचरा प्रबंधन के नवनिर्मित भवन के गोदाम और कार में छिपा कर रखा था। बिहार थाना पुलिस को चेकिंग के दौरान एक मारूति वैन की तलाशी में 53 कार्टून विदेशी शराब जब्त की। उसके निशानदेशी पर उपरांवां गांव स्थित अपशिष्ट प्रसंस्करण इकाई भवन में छापा मारा, जहां से 60 कार्टून और 15 बोतल अतिरिक्त बियर बरामद हुई। इस छापेमारी के दौरान राजकुआं निवासी नकटपुरा पंचायत के मुखिया रामप्रवेश मिस्त्री, रूपेश यादव उर्फ चुहा, कस्तूरी यादव और तुलसी यादव को गिरफ्तार किया गया। बिहार पुलिस इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों के बारे में जानकारी जुटा रही है।
सीएम ने मुखिया को शराबबंदी कि जिम्मेदारी दी थी
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने जिस पंचायत के मुखिया को अपने पंचायत में शराबबंदी सफ़ल बनाने की जिम्मेदारी दी गई थी। वही, शराबबंदी के दावों की पोल खोलकर रख दी और भारी मात्रा में विदेशी शराब के साथ पुलिस के हत्थे चढ़ गए। फ़िलहाल सभी को गिरफ्तारी के बाद पूछताक्ष कर न्यायालय के समक्ष पेश कर पुलिस आगे की कार्रवाई में जुट चुकी है।



