पटना: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के नामांकन की प्रक्रिया तेजी से चल रही है, जिसमें विभिन्न सीटों पर प्रमुख दलों के उम्मीदवारों ने अपने पर्चे दाखिल किए। वैशाली जिले की महुआ विधानसभा सीट पर पूर्व मंत्री तेज प्रताप यादव का नामांकन चर्चा का केंद्र बना रहा, वहीं बेगूसराय, नालंदा, बिहारशरीफ और पश्चिम चंपारण में भीड़भाड़ और हंगामे की घटनाएं सुर्खियां बटोर रही हैं। निर्वाचन आयोग ने पहले चरण की 121 सीटों के लिए 6 नवंबर को मतदान का ऐलान किया है, जिसमें महुआ जैसे कई क्षेत्र शामिल हैं। नतीजे 14 नवंबर को घोषित होंगे।
तेज प्रताप का महुआ में जोरदार प्रवेश
वैशाली जिले के महुआ विधानसभा क्षेत्र में पूर्व मंत्री तेज प्रताप यादव ने अपनी नई पार्टी जनशक्ति जनता दल (जेजेडी) के टिकट पर नामांकन दाखिल किया। अपने सैकड़ों समर्थकों और पार्टी पदाधिकारियों के साथ महुआ अनुमंडल कार्यालय पहुंचे तेज प्रताप ने अनुमंडल पदाधिकारी के समक्ष पर्चा जमा किया। यह वही सीट है, जहां से उन्होंने 2015 में पहली बार राजद के टिकट पर जीत हासिल की थी और 66,000 से अधिक वोटों से सफलता पाई थी। 2020 में राजद ने उन्हें हसनपुर भेजा, जहां वे फिर जीते।
बेगूसराय में नामांकन के दौरान हंगामा, पुलिस ने की लाठीचार्ज
बेगूसराय के तेघरा अनुमंडल कार्यालय में नामांकन प्रक्रिया के दौरान अजीबोगरीब स्थिति उत्पन्न हो गई। भाजपा प्रत्याशी और बिहार सरकार के खेल मंत्री सुरेंद्र मेहता तथा बछवाड़ा से कांग्रेस उम्मीदवार गरीबदास (शिव प्रकाश गरीबदास) अपने समर्थकों के साथ पहुंचे, तो भारी भीड़ बेकाबू हो गई। नारेबाजी से शुरू हुई कहासुनी झड़प में बदल गई, जिसके बाद पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा। कैमरे में कैद इस घटना से अफरा-तफरी मच गई, और कई लोगों को हल्की चोटें आईं। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर चुनावी माहौल बिगाड़ने का आरोप लगाया। बेगूसराय में राजनीतिक तापमान चढ़ता जा रहा है, और प्रशासन ने आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन पर सख्ती बरतने का ऐलान किया।
नालंदा से श्रवण कुमार का नामांकन
नालंदा विधानसभा सीट से एनडीए उम्मीदवार और ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार ने अपना नामांकन दाखिल किया। उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार का तेजी से विकास हो रहा है। महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने वाली महिला रोजगार योजना के तहत 2 लाख रुपये की राशि उनके खातों में भेजी जा रही है।”
आपको बता दें कि श्रवण कुमार 1990 से लगातार इस सीट से जीतते आ रहे हैं, सात बार विधायक और तीन बार मंत्री रह चुके हैं। 2015 में उन्होंने भाजपा के कौशलेंद्र कुमार को 2,996 वोटों से हराया, जबकि 2020 में कांग्रेस के गुंजन पटेल को 35,000 से अधिक वोटों से। नालंदा पहले चरण में शामिल है।
बिहारशरीफ में नामांकन सभा में हंगामा
बिहारशरीफ विधानसभा क्षेत्र से निर्दलीय प्रत्याशी और नगर निगम मेयर प्रतिनिधि मनोज कुमार तांती के नामांकन के बाद दोपहर में श्रम कल्याण केंद्र के मैदान में सभा का आयोजन था। भोजपुरी गायक रोशन रोही के आने की अफवाह से उत्साहित भीड़ बेकाबू हो गई। आपाधापी में कई कुर्सियां टूट गईं, और पुलिस को हल्का लाठीचार्ज करना पड़ा। कार्यक्रम स्थगित कर दिया गया।
सिकटा से महागठबंधन के वीरेंद्र प्रसाद गुप्ता का नामांकन
पश्चिमी चंपारण के सिकटा विधानसभा क्षेत्र (सीट नंबर 09) से महागठबंधन समर्थित भाकपा-माले उम्मीदवार वीरेंद्र प्रसाद गुप्ता ने सैकड़ों समर्थकों के साथ नामांकन दाखिल किया। उन्होंने कहा, “देश में अराजकता का माहौल है, बिहार से पलायन रुक नहीं रहा, अपराध बढ़ रहे हैं। महिलाएं असुरक्षित हैं। लोकतंत्र और संविधान बचाने के लिए सरकार बदलनी जरूरी है।” महागठबंधन ने उन्हें दूसरी बार टिकट दिया है। 2020 में उन्होंने जदयू के खुर्शीद अहमद को हराया था। सिकटा सीमावर्ती क्षेत्र है, जहां मुस्लिम-यादव गठजोड़ निर्णायक है।
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चनपटिया से उमाकांत सिंह ने भरा नामांकन
वहीं, चनपटिया विधानसभा (सीट नंबर 07) से एनडीए की भाजपा उम्मीदवार उमाकांत सिंह ने नामांकन भरा। बेतिया सांसद डॉ. संजय जायसवाल और पूर्व सांसद रेणु देवी मौजूद रहीं। सिंह ने कहा, “पार्टी के शीर्ष नेतृत्व को धन्यवाद, लगातार दूसरी बार भरोसे पर खरा उतरेंगे।” जायसवाल ने पश्चिम चंपारण की सभी नौ सीटों पर एनडीए की जीत और तीन-तिहाई बहुमत से सरकार बनाने का दावा किया। 2020 में सिंह ने कांग्रेस के अभिषेक रंजन को 13,469 वोटों से हराया था।
सिकटा में जदयू बागी खुर्शीद का निर्दलीय नामांकन
सिकटा से ही जदयू के बागी पूर्व अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री खुर्शीद उर्फ फिरोज अहमद ने निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में नामांकन दाखिल किया। उन्होंने कहा, “सिकटा का बेटा हूं, जनता की मांग पर लड़ रहा हूं। नीतीश कुमार से नाराजगी नहीं, वे कल भी प्रिय थे, आज भी हैं। जनता सर्वोपरि है।” 2010 और 2015 में वे जदयू से जीते, लेकिन 2020 में भाकपा-माले के गुप्ता से हार गए। उनकी उम्मीदवारी से सिकटा में त्रिकोणीय मुकाबला तय है।



