पटना: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार इन दिनों ताबड़तोड़ फैसले ले रहे हैं। चुनावी माहौल में सरकार ने सभी वर्गों को साधने की रणनीति अपनाई है। जहां एक ओर राज्य में विकास परियोजनाओं का शुभारंभ और लोकार्पण जोर-शोर से हो रहा है, वहीं दूसरी ओर जनता को लुभाने वाली घोषणाओं की बौछार भी जारी है। इसी कड़ी में उन्होंने रविवार को बिहार महादलित विकास मिशन के अन्तर्गत कार्यरत प्रत्येक विकास मित्र को टैबलेट खरीदने के लिए एकमुश्त 25 हजार रूपये देने का ऐलान किया है। ताकि उन्हें विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के लाभुकों के डाटा संधारण एवं अन्य कामकाज में सुविधा हो सके।
विकास मित्रों का बढ़ाया भत्ता
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मित्रों का परिवहन भत्ता 1900 रूपये प्रतिमाह से बढ़ाकर 2500 रूपये प्रतिमाह एवं स्टेशनरी भत्ता 900 रूपए से बढ़ाकर 1500 रूपए किए जाने का निर्णय लिया गया है। इससे उन्हें क्षेत्र भ्रमण के साथ-साथ दस्तावेजों के संग्रहण में सुविधा होगी।
न्याय के साथ विकास के सिद्धांत पर चलते हुए समाज के वंचित वर्गों के उत्थान के लिए हमारी सरकार लगातार काम कर रही है। अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग तक सरकार की विभिन्न विकास एवं कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने में विकास मित्रों की महत्वपूर्ण भूमिका है। इसे ध्यान में रखते…
— Nitish Kumar (@NitishKumar) September 21, 2025
स्मार्ट फोन खरीदने के लिए 10 हजार रुपये
सीएम ने महादलित, दलित, अल्पसंख्यक एवं अति पिछड़ा वर्ग के बच्चों तक शिक्षा का लाभ तथा अक्षर आंचल योजना के अधीन महिलाओं को साक्षर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे शिक्षा सेवकों (तालिमी मरकज सहित) को डिजिटल गतिविधियों के संपादन हेतु स्मार्ट फोन क्रय करने के लिए 10-10 हजार रूपए की राशि दिए जाने की भी घोषणा की। उन्होंने शिक्षण सामग्री मद में भुगतान की जा रही राशि को 3405 रूपए से बढ़ाकर 6 हजार रूपए प्रति केन्द्र प्रतिवर्ष किए जाने का निर्णय लिया गया है। इससे विकास मित्रों एवं शिक्षा सेवकों के मनोबल में वृद्धि होगी और वे अधिक उत्साह एवं लगन से अपने कार्यों का निष्पादन करेंगे।
न्याय के साथ विकास: मुख्यमंत्री ने एक्स कहा कि न्याय के साथ विकास के सिद्धांत पर चलते हुए सरकार वंचित वर्गों के उत्थान के लिए लगातार प्रयास कर रही है। अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति समुदाय के बीच सरकारी योजनाओं को पहुंचाने में विकास मित्रों की भूमिका बेहद अहम है।
हर वर्ग को साधने की कोशिश
विकास मित्रों और शिक्षा सेवकों के लिए की गई घोषणाओं के साथ-साथ, पिछले दो महीने में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार दो दर्जन घोषणाएं कर चुके हैं। इनमें महिलाएं, युवा, किसान, कर्मचारी, अल्पसंख्यक और दलित-पिछड़े वर्ग सभी शामिल हैं। विपक्ष इन फैसलों को चुनावी घोषणाएं बताया जा रहा है, लेकिन सरकार की दलील है कि समाज के हर वर्ग को सशक्त करने की दिशा में प्रयास है। विकास मित्रों की लंबे समय से चल रही मांगों को भी इस फैसले से पूरा किया गया है, जिससे सरकार ने उन्हें भी साधने की कोशिश की है।



