पटना: बिहार विधानसभा चुनाव के दूसरे और अंतिम चरण में 122 सीटों पर सुबह 7 बजे से मतदान शुरू हो चुका है, जहां एनडीए और महागठबंधन के बीच कांटे की टक्कर देखने को मिल रही है। इसके साथ ही, जम्मू-कश्मीर, राजस्थान, झारखंड, तेलंगाना, पंजाब, मिजोरम और ओडिशा में आठ विधानसभा क्षेत्रों के उपचुनाव भी जोर-शोर से चल रहे हैं। बिहार में सुबह नौ बजे तक 14.55 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया है। महिला, युवा एवं बुजुर्ग मतदाताओं में जबरदस्त उत्साह दिख रहा है। इन सभी सीटों पर 14 नवंबर को मतगणना होगी।
बिहार में आज का दिन निर्णायक
बिहार में आज का दिन निर्णायक साबित हो रहा है। राज्य की 243 विधानसभा सीटों में से पहले चरण में 121 सीटों पर 65% से अधिक रिकॉर्ड वोटिंग हुई थी, और अब दूसरे चरण में 20 जिलों की 122 सीटों पर 3.70 करोड़ मतदाता (जिनमें 1.75 करोड़ महिलाएं) अपनी भागीदारी सुनिश्चित कर रहे हैं। मतदान सुबह 7 बजे से शाम 5 बजे तक चलेगा, और लाइन में लगे वोटरों को अंतिम अवसर मिलेगा।
पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, सीतामढ़ी, मधुबनी, सुपौल, अररिया और किशनगंज जैसे नेपाल से सटे जिलों में 4 लाख से अधिक सुरक्षाबलों की तैनाती की गई है। प्रमुख मुकाबलों में इमामगंज में हम(एस) की दीपा कुमारी बनाम आरजेडी की रौशन कुमारी की लड़ाई दिलचस्प है। इनके साथ ही, छह राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में उपचुनावों ने राजनीतिक तापमान बढ़ा दिया है।
जम्मू-कश्मीर की दो सीटें—बडगाम और नगरोटा—पर नजरें टिकी हैं। बडगाम में मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के 2024 विधानसभा चुनाव में दो सीटों से जीतने के बाद गांदरबल को बरकरार रखते हुए इस्तीफा देने से उपचुनाव जरूरी हो गया। यहां 20 उम्मीदवार मैदान में हैं, लेकिन मुख्य टक्कर नेशनल कॉन्फ्रेंस (एनसी) के आगा महमूद, पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) के आगा सैयद मुंतजिर (जो शिया समुदाय के रिश्तेदार हैं) और भाजपा के सैयद मोहसिन के बीच है।
एनसी सांसद आगा रुहुल्लाह के एनसी उम्मीदवार के पक्ष में न प्रचार करने से पार्टी में आंतरिक कलह की चर्चा जोरों पर है। नगरोटा में भाजपा, एनसी और जेकेएनपीपी के बीच त्रिकोणीय मुकाबला है, जहां 10 उम्मीदवार हैं। यह सीट देवेंद्र सिंह राणा के निधन से खाली हुई। राजस्थान की अंता सीट पर कांग्रेस के कंवरलाल मीणा की अयोग्यता से उपचुनाव हुआ, जहां भाजपा को मजबूत चुनौती मिल सकती है। झारखंड की घाटशिला (एसटी) में रामदास सोरन के निधन के बाद आदिवासी वोट निर्णायक होंगे।
तेलंगाना की जुबली हिल्स में मगंती गोपीनाथ की मृत्यु से खाली सीट पर शहरी मुद्दे हावी हैं। पंजाब की तरनतारन में आप के कश्मीर सिंह सोहल के निधन के बाद आप के हरमीत सिंह संधू मैदान में हैं, जबकि मिजोरम की डंपा (एसटी) में लालरिंटलुआंगा सैला के निधन से स्थानीय मुद्दे प्रमुख हैं। ओडिशा की नुआपाड़ा में बीजेडी के राजेंद्र धोलकिया की मृत्यु के बाद बीजेडी की स्नेहांगी छुरिया बनाम भाजपा के जय धोलकिया की जंग है, जहां नवीन पटनायक ने चुनाव आयोग से शिकायत की है। कुल मिलाकर, इन चुनावों में 222 पोलिंग स्टेशन, मॉडल और पिंक बूथों की व्यवस्था है।



