लेह में सोनम वांगचुक का आंदोलन हुआ हिंसक, BJP दफ्तर फूंका

केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा देने की मांग को लेकर लेह में छात्रों का प्रदर्शन उग्र हो गया। प्रदर्शनकारी ने बीजेपी दफ्तार और सीआरपीएफ की गाड़ी को आग के हवाले कर दिया। सोनम वांगचुक लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा दिए जाने और छठी अनुसूची में शामिल किए जाने की मांग को लेकर पिछले 15 दिनों से भूख हड़ताल पर हैं।

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नई दिल्ली: केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा देने की मांग को लेकर लेह में प्रदर्शन शुरू हो गया है। इस बीच प्रदशर्नकारी छात्र और पुलिस के बीच हिंसक झड़प हुई। हिंसक भीड़ ने लेह में भाजपा कार्यालय और सीआरपीएफ की गाड़ी में आग लगा दी। दरअसल लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा दिए जाने की मांग और छठी अनुसूची में शामिल किए जाने को लेकर सोनम वांगचुक पिछले 15 दिनों से भूख हड़ताल पर हैं।

क्या है विवाद

दरअसल, लद्दाख के लेह शहर में बुधवार सुबह नाराज प्रदर्शनकारियों की पुलिस के साथ झड़प हो गई। तनाव इस कदर बढ़ गया कि प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पथराव किया और एक CRPF की वाहन को भी आग के हवाले कर दिया। राज्य के दर्जे के आंदोलन के दौरान लद्दाख में हिंसा की यह पहली घटना है। लद्दाख में राज्य का दर्जा और छठी अनुसूची में शामिल करने की मांग को लेकर चल रहा आंदोलन बुधवार को 14वें दिन में प्रवेश कर गया। लेह में दो महिला प्रदर्शनकारियों के बीमार पड़ने और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराने के बाद ही वहां तैनात पैदा हुआ था।

पुलिस से हिंसक झड़प

प्रदर्शनकारी, जिनकी पहचान अंचुक और अंचुक डोल्मा के रूप में हुई है, प्रदर्शन के दौरान बेहोश हो गए और उन्हें पास के एक अस्पताल ले जाया गया। इस घटना से सभा में अशांति फैल गई, जिसके कारण लेह हिल काउंसिल भवन पर पथराव हुआ। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए बड़ी संख्या में सुरक्षा बलों को तैनात कर दिया गया।

अचानक प्रदर्शनकारी हिंसक हो गए और पुलिस से भिड़ गए। उन्होंने लेह स्थित भाजपा कार्यालय पर हमला किया और सुरक्षाकर्मियों पर पथराव किया। प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे जलवायु कार्यकर्ता और शिक्षक सोनम वांगचुक ने पहले इस बात पर जोर दिया था कि भाजपा को आगामी हिल काउंसिल चुनावों से पहले लद्दाख को संविधान की छठी अनुसूची में शामिल करने का अपना वादा पूरा करना चाहिए।

केंद्र सरकार ने निर्णय के लिए तारीख तय की

इस विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व लद्दाख के लोग कर रहे हैं, जो लद्दाख के लिए राज्य का दर्जा और छठी अनुसूची के सुरक्षा उपायों की मांग कर रहे हैं। आयोजकों ने कहा कि केंद्र सरकार ने इस मामले पर निर्णय के लिए 6 अक्टूबर की तारीख तय की है, लेकिन प्रदर्शनकारी इससे पहले समाधान की मांग कर रहे हैं। एक प्रदर्शनकारी नेता ने कहा कि हमारी मांग तत्काल कार्रवाई की है। लद्दाख के लोग अब और इंतजार नहीं कर सकते।

महिलाएं भी प्रदर्शन शामिल

पिछले दो हफ्तों से इस विरोध प्रदर्शन में भारी भीड़ उमड़ रही है जिसमें पुरुष, महिलाएं और युवा सक्रिय रूप से भाग ले रहे हैं। प्रदर्शनकारी लद्दाख के लिए संवैधानिक सुरक्षा और राजनीतिक अधिकारों की मांग कर रहे हैं जबकि अधिकारियों ने संवेदनशील इमारतों और विरोध स्थलों के आसपास सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है।

इस दौरान प्रदर्शनकारियें ने कई वाहनों में आग लगा दी। साथी ही अन्य सार्वजनिक संपत्ति यों को भी फूंक डाला। इस बीच पुलीस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे और लाठी भांज कर भीड़ को खदेड़ दिया। इस दौरान प्रदशर्नकारियों ने पुलिस टीम पर पथराव भी किया। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है।

क्या हैं मांगें

लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा दिया जाए। लद्दाख को संविधान की छठी अनुसूची में शामिल किया जाए। लद्दाख में दो लोकसभा सीटों की मांग की गई है। लद्दाख की जनजातियों को आदिवासी का दर्जा दिया जाए।

Sanjay Rai

sanjayrai.dj@gmail.com

संजय राय ने बीते 25 साल के प्रोफेशनल कैरियर में स्वास्थ्य, अपराध, शिक्षा, विकास समेत सभी बीट की कवरेज की है। दिल्ली सरकार, विधानसभा की कार्यवाही, भाजपा, कांग्रेस, आप सरीखे राजनीतिक दलों के साथ सामाजिक-सांस्कृतिक व आंदोलनात्मक गतिविधियों को भी कवर किया है। कई सत्रों में संसद की कार्यवाही पर भी कलम चलाई है। फिलवक्त NewG India में बतौर सीनियर स्पेशल काॅरेस्पोंडेंट अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं।

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