नई दिल्ली: दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता (Rekha Gupta) ने सावन मास में आयोजित होने वाली कांवड़ यात्रा के लिए शिविर समितियों को सभी आवश्यक सुविधाएं प्रदान करने और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए सिंगल विंडो (Single Window) प्रणाली लागू करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार कांवड़ियों की सेवा में लगी समितियों को बिजली, पानी, चिकित्सा, सफाई और सुरक्षा जैसी सुविधाएं सुनिश्चित करेगी ताकि शिवभक्तों को किसी भी तरह की परेशानी न हो।
मुख्यमंत्री ने कहा, कांवड़ यात्रा श्रद्धा और अनुशासन का प्रतीक है। हमारी सरकार का लक्ष्य है कि शिवभक्तों को यात्रा के दौरान कोई असुविधा न हो और उनके पांव में एक कंकड़ भी न चुभे। इसके लिए मंत्रियों, जिला विकास समिति (डीडीसी) चेयरमैन और जिला अधिकारियों को व्यवस्थाओं की निगरानी की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
मंगलवार को नई दिल्ली में कांवड़ शिविर समितियों के पदाधिकारियों के साथ हुई बैठक में मुख्यमंत्री ने उनकी समस्याओं को सुना और आश्वासन दिया कि पहले की तरह प्रशासनिक अड़चनों का सामना नहीं करना पड़ेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार अपने मंत्रियों, जिला विकास समिति (डीडीसी) के अध्यक्ष व डीएम के माध्यम से कांवड़ शिविरों की निगरानी करेगी। उन्होंने कहा कि शिवभक्तों के पांव में एक कंकड़ भी न चुभे, यह सुनिश्चित करना हमारी जिम्मेदारी है। कांवड़ यात्रा आस्था, श्रद्धा और अनुशासन का पर्व है और इसे सुगम बनाने के लिए सरकार हर संभव कदम उठाएगी।
किसी भी परेशानी को किया जाएगा हल: सीएम
मुख्यमंत्री ने कहा, पिछली सरकारों में कांवड़ समितियों को कई परेशानियों का सामना करना पड़ता था, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। हम सिंगल विंडो सिस्टम के जरिए सभी अनुमतियां और सुविधाएं समय पर उपलब्ध कराएंगे। बिजली, पानी, शौचालय, चिकित्सा सुविधा, अग्निशमन और यातायात व्यवस्था में किसी भी तरह की कमी नहीं रहने दी जाएगी। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि समितियों की अन्य समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा और व्यवस्था को पूरी तरह पारदर्शी बनाया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार इन शिविरों को हर संभव सहयोग प्रदान करेगी ताकि कांवड़ यात्रा सुगम और सुरक्षित हो। बैठक में दिल्ली सरकार के मंत्री प्रवेश साहिब सिंह वर्मा, आशीष सूद, मनजिंदर सिंह सिरसा, कपिल मिश्रा, डीडीसी चेयरमैन, जिला मजिस्ट्रेट, बिजली विभाग, अग्निशमन विभाग, दिल्ली नगर निगम और अन्य विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।



