पटना: शिक्षा ऋण लेकर गुम हुए सूबे के 55 हजार अभ्यर्थियों की तलाश की जा रही है। बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड के तहत शिक्षा ऋण को लेकर बिहार राज्य शिक्षा वित निगम की समीक्षा में यह आंकड़ा सामने आया है। बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना के तहत शिक्षा ऋण लेकर किश्त न चुकाने वाले अभ्यर्थियों पर राज्य सरकार ने वसूली की प्रक्रिया तेज कर दी है।
18 जुलाई 2025 तक की समीक्षा में समस्तीपुर, मुजफ्फरपुर, गया और दरभंगा जिलों में कार्रवाई की जा रही है। राज्य के 38 जिलों में 11,850 अभ्यर्थियों को नोटिस भेजे गए, जबकि अब तक कुल 27,258 पर नीलामपत्र वाद दायर किया जा चुका है। इसके बावजूद 27,277 अभ्यर्थी अभी भी ऐसे हैं, जिन पर अब तक ना तो नोटिस भेजा गया है और ना ही नीलामपत्र वाद दायर हुआ है।
पटना जिले में 4,374 अभ्यर्थियों पर नीलामपत्र वाद दायर करने का आदेश मिला था, लेकिन इनमें से सिर्फ 1,733 मामलों में ही वाद दायर किया गया। शेष 2,641 अभ्यर्थियों को कोई नोटिस भी नहीं भेजा गया। इनमें से 118 अभ्यर्थियों ने शपथपत्र देकर या किश्त का भुगतान कर प्रतिक्रिया दी, जबकि शेष 2,523 अभ्यर्थियों पर न तो कोई नीलामपत्र वाद दायर हुआ और न ही नोटिस जारी हुआ।
समस्तीपुर जिले में शिक्षा विभाग मुख्यालय से भेजी गई 2,498 अभ्यर्थियों की सूची में से 1,358 पर नीलामपत्र वाद दायर किया गया है, जबकि 540 को नोटिस जारी किए गए हैं। इनमें से 336 अभ्यर्थियों ने शपथपत्र प्रस्तुत किया या ऋण की किस्त अदा की है। शेष 804 अभ्यर्थियों पर अब तक वाद दायर नहीं हो पाया है।
इस पर मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी मीनेन्द्र कुमार ने स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं। यह समीक्षा 18 जुलाई 2025 तक की स्थिति पर आधारित है। वहीं, मुजफ्फरपुर जिले में 1,928 में से 760 अभ्यर्थियों पर वाद दर्ज किया गया है और 680 को नोटिस भेजे गए हैं।
गया जिले के छात्र शिक्षा ऋण की किस्त चुकाने या शपथपत्र देने में सबसे आगे हैं। यहां 2,494 छात्रों में से 582 पर केस किया गया, 143 को नोटिस भेजे गए और 429 ने खुद ही भुगतान कर दिया या शपथपत्र दिया। दरभंगा में भी 1,459 छात्रों में से 524 ने किश्त अदा की या शपथपत्र दिया है। अभी भी गया में 1,483 और दरभंगा में 355 मामलों में कानूनी कार्रवाई बाकी है।



