नई दिल्ली। दूरसंचार विभाग की महत्वाकांक्षी योजना “संचार साथी” ने अक्टूबर 2025 में नया रिकॉर्ड बनाया। इस एक महीने में 50,000 से अधिक खोए या चोरी हुए मोबाइल फोन उनके असली मालिकों तक वापस पहुंचाए गए। शुरू होने के बाद से अब तक कुल 7 लाख से ज्यादा फोन बरामद हो चुके हैं।
कर्नाटक-तेलंगाना सबसे आगे, महाराष्ट्र ने भी किया शानदार काम
सबसे ज्यादा सफलता कर्नाटक और तेलंगाना को मिली है। दोनों राज्यों में 1-1 लाख से ज्यादा फोन बरामद हुए। महाराष्ट्र ने 80,000 से अधिक फोन वापस दिलाकर तीसरा स्थान हासिल किया। जून से अक्टूबर तक हर महीने की बरामदगी में 47% की बढ़ोतरी हुई है।
अब हर मिनट एक फोन हो रहा है बरामद
संचार साथी की तकनीक इतनी तेज हो गई है कि पूरे देश में हर मिनट एक से ज्यादा खोया हुआ फोन बरामद किया जा रहा है। जैसे ही चोरी के फोन में नई सिम डाली जाती है, सिस्टम तुरंत मालिक और नजदीकी पुलिस स्टेशन को अलर्ट भेज देता है, जिससे फोन जल्दी पकड़ा जाता है।
पुलिस और दूरसंचार विभाग का शानदार तालमेल
यह सफलता पुलिस और दूरसंचार विभाग की डिजिटल इंटेलिजेंस यूनिट (DIU) के बीच बेहतरीन समन्वय का नतीजा है। सभी राज्यों में पुलिसकर्मियों को नियमित ट्रेनिंग दी जा रही है। चोरी के फोन को ब्लॉक करने की प्रक्रिया पूरी तरह ऑटोमैटिक और तुरंत हो जाती है, जिससे उसका गलत इस्तेमाल नहीं हो पाता।
नागरिकों से अपील: संचार साथी ऐप जरूर इस्तेमाल करें
दूरसंचार विभाग ने सभी नागरिकों से अपील की है कि खोया या चोरी हुआ फोन तुरंत रिपोर्ट करें और ब्लॉक करवाएं, नया या सेकंड-हैंड फोन खरीदने से पहले उसकी प्रामाणिकता जरूर चेक करें, धोखाधड़ी वाले कॉल-संदेश की शिकायत करें और बैंक व वित्तीय संस्थानों के असली नंबर भी इसी ऐप से चेक कर सकते हैं।
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डिजिटल इंडिया का सपना हो रहा साकार
संचार साथी पूरी तरह स्वदेशी तकनीक पर बना प्लेटफॉर्म है। यह डिजिटल इंडिया के विजन को साकार करते हुए आम आदमी की डिजिटल संपत्ति को सुरक्षित बना रहा है। सरकार का मानना है कि तकनीक, पुलिस की मेहनत और लोगों का जागरूक होना मिलकर एक सुरक्षित डिजिटल भारत बना रहे हैं। अगर आपका भी फोन खो जाए या आपको कोई संदेह हो, तो तुरंत www.sancharsaathi.gov.in पर जाएं या ऐप डाउनलोड करें।



