पटना: बिहार में पहली बार किसी चुनाव सभा को संबोधित करने के लिए पहुंची कांग्रेस महासचिव व सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा मतदाताओं को लुभाने में कितना सफल होंगी। यह तो मतगणना के बाद ही पता चलेगा, लेकिन अभी कांग्रेस का पूरा जोर है कि प्रियंका के सहारे बिहार की महिला मतदाताओं को कांग्रेस के पाले में अधिक से अधिक खिंचने की है। यही कारण है कि कांग्रेस ने उनकी सभा रखने के साथ ही महिलाओं के स्वयं सहायता समूहों से संवाद का कार्यक्रम रखा है।
प्रियंका गांधी वाड्रा वर्ष 2019 में उप्र की प्रभारी के रूप में प्रयागराज के मनैया घाट से वाराणसी तक अपनी तीन दिन की गंगा यात्रा पर निकली थीं। इससे पहले सिर्फ अमेठी और रायबरेली तक सीमित रहने वाली प्रियंका गांधी ने जब चुनावी कमान संभाली तो ऐसा लग रहा था कि जनता उनमें इंदिरा गांधी का अक्स देखकर काफी प्रभावित है।
सभाओं में काफी भीड़ रहती थी
प्रियंका की सभाओं में काफी भीड़ थी, लेकिन वह वोट में तब्दील नहीं हो सका। वर्ष 2019 के चुनाव में कांग्रेस उप्र में सिर्फ एक सीट पर सिमट गयी थी। इसके बाद आने वाले विधानसभा चुनाव में भी कांग्रेस की सीटें पहले की अपेक्षा कम हो गयीं। इसके बाद प्रियंका का उप्र से मोहभंग हो गया। उन्होंने यहां आना भी कम कर दिया।
छात्रों से की थीं बोट पे चर्चा
प्रयागराज में प्रियंका गांधी ने यात्रा शुरू करने से पहले इलाहाबाद विश्वविद्यालय के छात्रों के साथ ‘ बोट पे चर्चा ‘ की थीं। प्रियंका बोट के जरिए 140 किमी की दूरी तय करने से पहले 17 मार्च को उप्र की जनता के नाम लिखे एक पत्र प्रियंका ने कहा था, वह इस धरती से आत्मिक रूप से जुड़ी है और यह मानती है कि प्रदेश में किसी भी तरह के राजनीतिक परिवर्तन की शुरुआत आपकी पीड़ा को साझा किए बिना नहीं हो सकती। इसीलिए सीधा आपसे सच्चा संवाद करने के लिए मैं आपके द्वार पर पहुंच रही हूं।’
मोतिहारी से करने जा रही हैं चुनावी सभा
अब प्रियंका बिहार की अपनी पहली चुनावी सभा मोतिहारी में करने जा रही हैं। इससे पहले वे राहुल गांधी के साथ वोट अधिकार यात्रा में शामिल हुई थीं। मोतिहारी में होने वाली सभा के बारे में कांग्रेस के जिला अध्यक्ष गप्पू राय ने कहा कि प्रियंका गांधी अपने संदेश से जिले के कार्यकर्ताओं में ऊर्जा भरेंगी। घर-घर अधिकार रैली में प्रियंका गांधी उपस्थित रहेंगी। झूठे वादे पर सरकार चल रही है। इसकी पोल खोलने के लिए प्रियंका गांधी यहां आकर सीधे लोगों से संवाद करेंगी। युवाओं को बताएंगी कि यहां के पलायन की स्थिति क्या है
अपने विजन से जनता को कराएंगी अवगत
प्रियंका गांधी के इस दौरे को पार्टी की बिहार में चुनावी रणनीति के लिहाज से अहम माना जा रहा है। आरजेडी और जेडीयू लगातार जनता से सरकार बनने पर कई वादे कर रही है। ऐसे में अब कांग्रेस अपने विजन से जनता को अवगत करा सकती है। कांग्रेस का मानना है कि प्रियंका गांधी के चुनावी प्रचार से विशेषकर महिला मतदाताओं का अधिकतम मत कांग्रेस की तरफ मोड़ा जा सकता है। मतदाताओं को लुभाने के लिए प्रियंका गांधी के पास एक अच्छी शैली है। वे संवाद करने में भी कुशल हैं।
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नवरात्रि से शुरु करने के पीछे भी है राजनीतिक कारण
नवरात्रि में शक्ति के स्वरूपेणी मां दुर्गा के विभिन्न रूपों की आराधना होती है। यह नौ दिनों तक नारी पूजा में व्यतित होता है। कांग्रेस इसी शक्ति के रूप में प्रियंका गांधी को बिहार के चुनावी रण में उतारने जा रही है। इसको वह बिना कहे भी जनता के बीच चर्चा का विषय बनाएगी।



