पटना: बिहार की राजनीति इस समय तीखे आरोप-प्रत्यारोप और पोस्टर वॉर से गरमाई हुई है। राजधानी पटना की सड़कों पर लगे ताजा पोस्टरों ने माहौल को और अधिक राजनीतिक बना दिया है। इन पोस्टरों में जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर को सीधा निशाना बनाया गया है।
पोस्टर में क्या लिखा गया?
पोस्टरों में प्रशांत किशोर को “चारा चोर से भी बड़ा चोर” बताते हुए आरोप लगाया गया है कि उन्होंने जनता से चंदे के नाम पर करोड़ों रुपये ठगे और पाटलिपुत्र में जमीन खरीदी। इसके साथ ही जन सुराज से जुड़े दो नेताओं रामबली चंद्रवंशी और किशोर कुमार मुन्ना की तस्वीरें भी लगाई गई हैं। पोस्टर में लिखा है कि रामबली चंद्रवंशी अप्राकृतिक दुराचार के आरोपी हैं।
वहीं, किशोर कुमार मुन्ना को अपराधी बताया गया है।साथ ही बड़े अक्षरों में लिखा गया है – ‘भ्रष्टाचारी, अपराधी और दुराचारी का गढ़ है जन सुराज।’

गौरतलब है कि प्रशांत किशोर लगातार बिहार सरकार और एनडीए गठबंधन के मंत्रियों पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगा रहे हैं। लगभग हर प्रेस कॉन्फ्रेंस में वे किसी न किसी मंत्री पर निशाना साधते आए हैं। उनकी आक्रामक शैली से एनडीए खेमे में बेचैनी साफ दिखाई देती है। इसी का जवाब अब पोस्टर पॉलिटिक्स के रूप में सामने आया है। हालांकि इन पोस्टरों पर किसी राजनीतिक दल का नाम या झंडा नहीं है, लेकिन राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि यह काम भाजपा खेमे से जुड़े लोगों का हो सकता है।
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क्या संदेश है पोस्टर पॉलिटिक्स का?
चुनावी साल में यह पोस्टर वॉर साफ दिखा रहा है कि बिहार की राजनीति अब और भी तल्ख होने वाली है। एक ओर PK लगातार सरकार पर हमलावर हैं, तो दूसरी ओर एनडीए समर्थक खेमे से उनके ख़िलाफ़ जवाबी रणनीति बनाई जा रही है। आने वाले दिनों में यह पोस्टर वॉर और आरोप-प्रत्यारोप चुनावी माहौल को और गरमाने वाले हैं।



