मोतिहारी (बिहार): जिले के कल्याणपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत मननपुर बाजार निवासी प्रांजल गोस्वामी ने कम उम्र में ऐसी उपलब्धि हासिल की है, जिसने पूरे क्षेत्र को गर्व से भर दिया है। सुप्रीम कोर्ट में अधिवक्ता के रूप में कार्यरत प्रांजल ने हिमालय की दुर्गम पर्वत श्रृंखलाओं को चुनौती देते हुए 14,100 फीट की ऊंचाई पर सफलतापूर्वक तिरंगा फहराया।

कम उम्र में बड़ी उपलब्धि
मात्र 22 वर्ष की उम्र में प्रांजल गोस्वामी ने यह साहसिक कारनामा कर दिखाया है। उनकी इस सफलता को न केवल व्यक्तिगत उपलब्धि माना जा रहा है, बल्कि इसे बिहार के युवाओं के लिए प्रेरणा स्रोत भी बताया जा रहा है।
26 जून को शुरू हुआ अभियान
जानकारी के अनुसार, प्रांजल ने 26 जून को अपने पर्वतारोहण अभियान की शुरुआत की थी। लक्ष्य था हिमालय की कठिन और बर्फीली चोटियों तक पहुंचना और वहां भारत का ध्वज फहराना।
कठिन रास्तों और मौसम से जूझते हुए पहुंचा शिखर
अभियान के दौरान उन्हें बेहद कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ा। तेज ठंड, ऊबड़-खाबड़ रास्ते और ऊंचाई पर कम ऑक्सीजन जैसी चुनौतियों के बीच उन्होंने अपना हौसला बनाए रखा। लगातार प्रयासों के बाद वे 27 जून की शाम निर्धारित 14,100 फीट ऊंचे शिखर पर पहुंचने में सफल रहे, जहां उन्होंने तिरंगा फहराकर देश का गौरव बढ़ाया।
29 जून को सुरक्षित लौटे
शिखर पर सफलता हासिल करने के बाद उन्होंने उसी दिन वापसी की तैयारी शुरू कर दी। कठिन उतराई और जोखिम भरे रास्तों को पार करते हुए वे 29 जून को सुरक्षित रूप से मनाली लौट आए।
परिवार और क्षेत्र में खुशी की लहर
इस उपलब्धि की खबर मिलते ही उनके परिवार और पूरे क्षेत्र में खुशी का माहौल है। स्थानीय लोगों ने इसे न सिर्फ व्यक्तिगत सफलता, बल्कि पूरे बिहार के लिए गौरव का क्षण बताया है। लोगों का कहना है कि प्रांजल की यह उपलब्धि युवाओं को आगे बढ़ने और बड़े सपने देखने के लिए प्रेरित करेगी।



