बिहार। बिहार के भोजपुर जिले के शाहपुर में 17 जून को भरत तिवारी की पुलिस एनकाउंटर में हुई मौत के बाद हर तरफ एनकाउंटर की बातें हो रही है। सोशल मीडिया में भरत तिवारी का वीडियो वायरल हो रहा है। इसी के चलते राज्य की राजनीति गरमा गई है। एक ओर बिहार पुलिस और राज्य सरकार विपक्ष के निशाने पर हैं, वहीं दूसरी ओर जनता दल (यू) के अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का एक पुराना वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
वायरल वीडियो में क्या कहा था नीतीश कुमार ने?
वायरल वीडियो वर्ष 2023 का बताया जा रहा है। उस समय उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में अतीक अहमद और अशरफ की हत्या पर प्रतिक्रिया देते हुए नीतीश कुमार ने कानून के शासन और न्यायिक प्रक्रिया की आवश्यकता पर जोर दिया था।
वीडियो में नीतीश कुमार कहते सुनाई देते हैं
“ये कहीं होता है? देश में, कहीं ऐसा होता है? अपराधियों का सफाया माने मार दीजिए उसको… यह कोई तरीका है? इसका मतलब जो जेल में जाएगा तो उसको मार दीजिएगा? ऐसा कोई नियम है क्या? कोर्ट फैसला करता है। अगर किसी को फांसी की सजा होती है तो कानून के तहत होती है। संविधान और न्याय व्यवस्था इसी लिए बनी हुई है।” भरत तिवारी एनकाउंटर के बाद विपक्षी दल इसी बयान का हवाला देते हुए सरकार पर सवाल उठा रहे हैं।
भरत तिवारी के परिवार से मिलेंगे कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष
एनकाउंटर को लेकर बिहार कांग्रेस ने भी सवाल उठाए हैं। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम रविवार को भोजपुर जिले के शाहपुर पहुंचकर भरत तिवारी के परिजनों से मुलाकात करेंगे। इसके साथ ही कांग्रेस ने मामले की जांच के लिए एक समिति का गठन भी किया है। राजेश राम ने कहा कि पार्टी इस मामले में पीड़ित परिवार के साथ खड़ी है और घटना की निष्पक्ष जांच की मांग करती है।
तेजस्वी यादव ने लगाया फर्जी एनकाउंटर का आरोप
राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के नेता तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया है कि भरत तिवारी की मौत एक फर्जी एनकाउंटर का मामला हो सकती है। उन्होंने कहा कि सरकार को पूरे घटनाक्रम पर स्पष्ट जवाब देना चाहिए।
तेजस्वी यादव ने यह भी सवाल उठाया कि एक तरफ सरकार जांच की बात कर रही है, वहीं दूसरी तरफ भरत तिवारी के माता-पिता और ग्रामीणों के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह मामला अन्य विवादों और आरोपों से जनता का ध्यान भटकाने की कोशिश हो सकता है।
हालांकि, इन आरोपों पर सरकार और पुलिस का पक्ष सामने आना अभी बाकी है तथा मामले की जांच जारी है।



