नई दिल्ली: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की सरगर्मी के बीच जहां राजनीतिक दलों के बीच मुकाबला तेज हो गया है, वहीं प्रशांत किशोर(PK)की पार्टी जन सुराज को एक नहीं बल्कि तीन बड़े झटके लगे हैं। पार्टी ने राज्य की कुल 243 सीटों में से करीब 240 सीटों पर उम्मीदवार उतारे हैं। हालांकि, तीन महत्वपूर्ण सीटें ऐसी रही हैं जहां जन सुराज का कोई भी उम्मीदवार अब चुनावी मैदान में नहीं है। ये सीटें हैं-दानापुर, गोपालगंज और ब्रह्मपुर।
अगवा हुआ प्रत्याशी
दानापुर विधानसभा सीट पर जन सुराज को सबसे बड़ा झटका उस वक्त लगा, जब नामांकन के आखिरी दिन घोषित प्रत्याशी अखिलेश कुमार अचानक गायब हो गए। कार्यकर्ता और पार्टी पदाधिकारी घंटों तक उनका इंतजार करते रहे, लेकिन न तो अखिलेश पहुंचे और न ही उनका कोई संदेश मिला। अफवाहें फैलने लगीं कि उन्हें किसी ने अगवा कर लिया है।
गोपालगंज में पर्चा वापस
गोपालगंज सदर सीट से पार्टी ने डॉ. शशि शेखर सिन्हा को उम्मीदवार बनाया था। उन्होंने विधिवत नामांकन भी दाखिल किया, लेकिन कुछ ही दिनों बाद उन्होंने स्वास्थ्य कारणों और स्थानीय संगठन के भीतर मतभेद का हवाला देते हुए अपना पर्चा वापस ले लिया। यह सीट जन सुराज के लिए एक मजबूत दावेदारी वाली मानी जा रही थी।
नामांकन वापस
बक्सर जिले की ब्रह्मपुर विधानसभा सीट पर भी जन सुराज अपना प्रत्याशी मैदान में नहीं रख पाई। यहां घोषित उम्मीदवार ने नामांकन तो दाखिल किया, लेकिन अंतिम समय में नामांकन वापस ले लिया। इसपर प्रतिक्रिया देते हुए प्रशांत किशोर ने आरोप लगाया है कि उनके प्रत्याशियों पर बाहरी दबाव डाला जा रहा है, जिसके चलते वे पार्टी छोड़ने या नामांकन वापसी को मजबूर हो रहे हैं।
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PK का हमला
प्रशांत किशोर ने मंगलवार को पटना के शेखपुरा हाउस में मीडिया को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि बीजेपी जन सुराज के कैंडिडेट्स को तोड़ रही है। सीधे-सीधे धर्मेंद्र प्रभारी पर हमला करते हुए उन्होंने कहा कि-प्रधान खुद डील कर रहे हैं और उम्मीदवारों पर दबाव बना रहे। पीके ने कहा कि पहले इन लोगों ने ख़ुशी-ख़ुशी टिकट लिया, प्रचार किया और अब नाम वापस ले रहे हैं। अमित शाह कितनी भी ताकत लगा लें लेकिन जन सुराज नहीं रुकेगा। बिहार से पलायन और गरीबी दूर करेंगे।



