पटना में कचरे से निकलेगी बिजली, 13 शहरों का कचरा होगा ‘सोना’

514 करोड़ का मेगा प्लान, अब पटना के कचरे से बनेगी 15 मेगावाट बिजली, देश में पहली बार! बिहार को मिला ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के लिए 154 करोड़ का VGF अनुदान।

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पटना: बिहार में अब घरों से निकलने वाले कचरे से बिजली बनाई जाएगी। पटना में इसके लिए वेस्ट डिस्पोजल (कूड़ा निस्तारण) प्लांट स्थापित किया जाएगा। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में बुधवार को हुई राज्य कैबिनेट की बैठक मेंइस प्रस्ताव को मंजूरी मिली है। पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मोड पर पटना क्लस्टर में एकीकृत ठोस अपशिष्ट का प्रबंधन किया जाएगा। इस पर 515 रुपये का खर्च आएगा। पटना, दानापुर, बिहटा, पुनपुन जैसे कुल 13 शहरों के कूड़ा और अपशिष्ट को इकट्ठा कर उनका निस्तारण किया जाएगा। इसका इस्तेमाल बायोगैस और बिजली बनाने में होगा।

514.59 करोड़ रुपये से होगा कचरा प्रबंधन

सरकार के कचरा प्रबंधन से अब गंदगी और दुर्गंध फैलाने वाली गंदगी उपयोगी होगी। इससे न सिर्फ बिजली बनेगी और घरों में चूल्‍हा भी जलेगा। दरअसल, नीतीश सरकार ने कैबिनेट के फैसले में लोक-निजी भागीदारी (PPP) मोड में 514.59 करोड़ रुपये की लागत से ठोस कचरा प्रबंधन परियोजना को मंजूरी दे दी है।

इन नगर निकायों को मिलेगा फायदा

नीतीश कैबिनेट की ओर बुधवार को इस प्रोजेक्ट का मंजूर कर लिया है। जिससे पटना, दानापुर, फतुहा, खगौल, फुलवारीशरीफ, संपतचक, मनेर, मसौढ़ी, बिहटा, बख्तियारपुर, नौबतपुर, पुनपुन और खुसरूपुर का कचरा एक जगह इकट्ठा कर रामचक बैरिया में वैज्ञानिक तरीके से निस्तारित किया जाएगा। जिससे न केवल राजधानी पटना चकाचक होगी बल्कि 12 नगर निकायों की दुर्गंध और गंदगी से भी निजात मिलेगी।

देश में पहली बार ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के लिए VGF फंडिंग

ऐसा पहली बार हो रहा है जब केंद्र सरकार ने किसी राज्य को सामाजिक आधारभूत परियोजना के तहत ठोस कचरा प्रबंधन के लिए वीएबिलिटी गैप फंडिंग (VGF) देने का फैसला किया है। इसके तहत बिहार को 154.38 करोड़ रुपये का अनुदान भी दिया जाएगा। खास बात यह है कि अगर परियोजना में 30 फीसद से अधिक VGF की जरूरत पड़ी, तो अंतर की राशि राज्य सरकार अपने रिंगफेंस खाते से देगी।

रोजाना 1600 टन कचरे का होगा निस्तारण

कचरा प्रबंधन के लिए संयंत्र रामचक बैरिया में लगाया जाएगा। जहां हर दिन 1600 टन कचरे की प्रोसेसिंग की जाएगी। यह संयत्र न सिर्फ कचरे का निस्‍तारण करेगा बल्कि 15 मेगावाट बिजली भी तैयार करेगा। इससे राजधानी पटना की जरूरतों को पूरा किया जाएगा।

कमाई का रास्‍ता भी बनेगा कचरा

इस कचरा प्रबंधन संयंत्र के लगने के बाद कचरा इतना उपयोगी हो जाएगा कि यह न बिजली उत्‍पादित करेगा बल्कि बायोगैस अभी बनाएगा। यह संयंत्र 100 टन प्रतिदिन बायो-मिथेनेशन करेगा। इससे बनी बायो गैस को घरों तक पहुंचाया जाएगा। इसके अलावा खेतों के लिए खाद भी तैयार होगा। जिससे खेती के लिए उपयोगी होगा। सरकार का मानना है कि यह प्रोजेक्ट पटना और उसके आसपास के इलाकों को साफ-सुथरा रखने के साथ-साथ, कचरे से कमाई का रास्ता भी खोलेगा।

Usha Mehta

ushamehta0013@gmail.com

NewG India का सबसे युवा चेहरा, दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की। ग्रेजुएशन के बाद IGNOU और ABP न्यूज़ नेटवर्क जैसे संस्थानों में इंटर्नशिप की। सोशल और कॉमर्स विषयों की गहरी समझ हैं कलम के साथ आवाज में भी धार हैं। NewG India में बतौर कंटेंट डेवलपर व एंकर अपनी जिम्मेदारी उषा मेहता बखूबी निभा रही हैं ।

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