नालंदा: परबलपुर नगर पंचायत के मुख्य पार्षद रामवृक्ष प्रसाद के घर पर प्रशासन का बुलडोजर चला, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया। उनके घर के एक हिस्से को जेसीबी मशीन से गिरा दिया गया। मजदूर उपलब्ध नहीं रहने के कारण अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई पूरी नहीं हो पायी। 10 दिन में अतिक्रमण हटाने का समय दिया गया है। अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई पांच घरों पर होनी है। सीओ मोहित सिन्हा का कहना है कि हाईकोर्ट के आदेश पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गयी है।
बदले की भावना से कार्रवाई की गई
शुक्रवार को जिला प्रशासन लाव लस्कर के साथी परबलपुर नगर पंचायत के मुख्य पार्षद रामवृक्ष प्रसाद के आवास पहुंची। जहां अतिक्रमण की गई भूमि को JCB मशीन के ज़रिए गिरा दिया गया। इससे पहले प्रशासन की तरफ से मजदूर की तलाश की गई लेकिन श्रमिक नहीं मिला। इसके बाद बुल्डोजर बुलाया गया। इसको लेकर मुख्य पार्षद ने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि बदले की भावना से यह कार्रवाई की गई है।
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हाईकोर्ट के आदेश पर कार्रवाई
परबलपुर प्रखंड के अंचलाधिकारी (सीओ) मोहित सिंहा ने बताया कि 10 दिन पहले उन्हें अतिक्रमण हटाने का समय दिया गया था, लेकिन वे नहीं मानें तो अंततः हाइकोर्ट के आदेश पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई पांच घरों पर की गई है।पार्षद का आरोप है कि डीसीएलआर ने फिर से मापी करवाने का आदेश दिया है। सीओ उनका आदेश भी नहीं मान रहे हैं। सीओ के साथ औंगारी, पीर बिगहा व अन्य थानों की पुलिस व जेसीबी स्थल पर मशीन के साथ पहुंची थी। जेसीबी मशीन की मदद से घर के एक हिस्से को गिराया जाने लगा। इस दौरान विरोध के भी स्वर सुनाई दे रहे थे। हालांकि, पुलिस की मौजूदगी में कार्रवाई पूरी की गई। इस दौरान लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। मकान के एक हिस्से को गिराने के बाद मुख्य पार्षद ने कहा कि जेसीबी से कार्रवाई की गई तो पूरा मकान गिर जाएगा। सीओ ने कहा कि पांच लोगों पर अतिक्रमण की कार्रवाई करने का आदेश है। पांच लोगों को 19 अगस्त को नोटिस दी गई थी। इसके बाद भी अतिक्रमण नहीं हटाया गया तो 13 सितंबर को कार्रवाई की जानकारी दी गई। मुख्य पार्षद ने कहा कि हिलसा डीसीएलआर ने पत्र जारी कर अंचल कार्यालय की मापी पर सवाल उठाया है और फिर से मापी कराने का आदेश दिया है. इसके बाद भी उनपर कार्रवाई की जा रही है।



