लापता बच्चों की तलाश में लापरवाही, पुलिस मुख्यालय हुआ सख्त

बच्चों की गुमशुदगी और अपहरण के मामलों को लेकर बिहार पुलिस मुख्यालय ने गंभीर चिंता व्यक्त की है। जिसके बाद अब मुख्यालय ने सख्त निर्देश जारी किए हैं।

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भागलपुर: बिहार में बच्चों की गुमशुदगी और अपहरण के मामलों में पुलिस द्वारा जारी किए गए मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) का जिलों में ठीक से पालन नहीं किया जा रहा है। इसे लेकर पुलिस मुख्यालय के कमजोर वर्ग के अधिकारी ने भागलपुर समेत बिहार के सभी जिलों को पत्र लिखा है। पत्र में कई तरह की लापरवाही का जिक्र किया गया है, जिसमें गुमशुदा बच्चों की जानकारी ‘मिशन वात्सल्य पोर्टल’ पर अपलोड न करना और ‘रिस्क असेसमेंट फॉर्म’ न भरना प्रमुख है।

मुख्यालय का सख्त निर्देश

पुलिस मुख्यालय ने सभी जिलों को गुमशुदा बच्चों के मामलों में एसओपी का पूरी तरह से पालन करने का निर्देश दिया है। इसके तहत, हर मामले में दर्ज किए गए केस के जांच अधिकारी (IO) को लापता बच्चे के लिए ‘रिस्क असेसमेंट फॉर्म’ भरना अनिवार्य कर दिया गया है।

ये लोग कर सकते हैं शिकायत

बच्चों की गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराने के लिए माता-पिता, अभिभावक, संबंधी, बाल कल्याण समिति, चाइल्डलाइन, गैर सरकारी संगठन, पुलिस या कोई भी व्यक्ति जो बच्चे की सुरक्षा को लेकर चिंतित है, शिकायत कर सकता है।

शिकायत करने के तरीके

संबंधित थाने में, पुलिस नियंत्रण कक्ष में, पुलिस के आपातकालीन नंबर पर, चाइल्डलाइन के नंबर 1098 पर, किसी व्यक्ति द्वारा ऑनलाइन साइट पर बच्चे की फोटो और जानकारी अपलोड करके।

पुलिस के लिए निर्देश

पुलिस को गुमशुदगी की शिकायत मिलते ही तत्काल कुछ महत्वपूर्ण कदम उठाने होंगे।

तत्काल कार्रवाई

लिखित शिकायत के अलावा अगर फोन या ई-मेल पर भी गुमशुदगी की सूचना मिलती है, तो उसे तुरंत थाना की स्टेशन डायरी में दर्ज किया जाए।

मौके पर पहुंचना

जिस जगह से बच्चा लापता हुआ है, वहां पुलिस अधिकारी का पहुंचना और घटना के कारणों का पता लगाना जरूरी है।

प्राथमिकी दर्ज करें

शिकायत मिलते ही तत्काल प्राथमिकी (FIR) दर्ज करना अनिवार्य है।

जांच में भागीदारी

जांच और कार्रवाई में जनप्रतिनिधियों और अन्य लोगों को शामिल करने का निर्देश दिया गया है।

सूचना का प्रसार

केस दर्ज कराने वाले व्यक्ति को एफआईआर की कॉपी देना, गुमशुदा बच्चे की जानकारी ऑनलाइन साइट पर अपलोड करना और प्रचार-प्रसार के माध्यम से जागरूकता फैलाना भी जरूरी है।

विशेष इकाइयों को सूचना

विशेष किशोर पुलिस इकाई (Special Juvenile Police Unit) और पैदल गश्ती दल को घटना की तत्काल सूचना देना अनिवार्य है।

गुजरात की लापता बच्ची की तलाश

इस बीच, सीबीआई ने गुजरात के अंकलेश्वर से लापता हुई 10 साल की बच्ची रुखसार की तलाश के लिए भागलपुर समेत सभी जिलों को अलर्ट किया है। पुलिस मुख्यालय ने मानव तस्करी, भीख मांगने वाले बच्चों और अज्ञात शवों से संबंधित जानकारी का मिलान करके बच्ची का पता लगाने को कहा है।

Usha Mehta

ushamehta0013@gmail.com

NewG India का सबसे युवा चेहरा, दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की। ग्रेजुएशन के बाद IGNOU और ABP न्यूज़ नेटवर्क जैसे संस्थानों में इंटर्नशिप की। सोशल और कॉमर्स विषयों की गहरी समझ हैं कलम के साथ आवाज में भी धार हैं। NewG India में बतौर कंटेंट डेवलपर व एंकर अपनी जिम्मेदारी उषा मेहता बखूबी निभा रही हैं ।

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