नई दिल्ली। गर्मी के मौसम में निर्बाध जल आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (NDMC) ने ‘समर एक्शन प्लान-2026’ तैयार किया है। NDMC के उपाध्यक्ष कुलजीत सिंह चहल ने बताया कि योजना के तहत जल संकट वाले क्षेत्रों की पहचान की गई है और जरूरत पड़ने पर वहां वाटर टैंकरों के माध्यम से पानी उपलब्ध कराया जाएगा।
खरीदेंगे नए माउंटेड वाटर टैंकर
उन्होंने कहा कि गर्मियों के दौरान आपात स्थिति से निपटने के लिए NDMC 12 नए माउंटेड वाटर टैंकर खरीदने जा रहा है। इससे उन इलाकों में तुरंत पानी पहुंचाया जा सकेगा, जहां सप्लाई में दिक्कत आती है।
चहल ने बताया कि NDMC क्षेत्र में पेयजल की आपूर्ति मुख्य रूप से दिल्ली जल बोर्ड (DJB) से होती है, जो चंद्रावल, वजीराबाद, हैदरपुर और सोनिया विहार जल शोधन संयंत्रों से विभिन्न प्वाइंट्स के माध्यम से पानी उपलब्ध कराता है। NDMC क्षेत्र में कुल करीब 127 MLD पानी उपलब्ध है, जिसमें लगभग 125 MLD DJB से और करीब 2.08 MLD ट्यूबवेल से प्राप्त होता है।
NDMC के पास 24 अंडरग्राउंड रेजरवॉयर और बूस्टिंग स्टेशन
उन्होंने कहा कि जल वितरण को सुचारु बनाए रखने के लिए NDMC के पास 24 अंडरग्राउंड रेजरवॉयर और बूस्टिंग स्टेशन हैं, जिनके जरिए पूरे क्षेत्र में पानी की आपूर्ति की जाती है। सामान्य तौर पर सुबह और शाम के समय पानी की सप्लाई दी जाती है।
जल प्रबंधन को और मजबूत बनाने के लिए आरके आश्रम में NDMC का नया जल नियंत्रण कक्ष बनाया जा रहा है, जिसकी भंडारण क्षमता 10 लाख लीटर होगी। इस परियोजना के अगले 7 से 9 महीनों में पूरा होने की उम्मीद है। इसके बनने से आपात स्थितियों में जल आपूर्ति प्रबंधन बेहतर हो सकेगा।
37 Water ATM हो रहे संचालित
NDMC क्षेत्र में वर्तमान में 37 Water ATM संचालित हो रहे हैं, जिनमें से 17 भुगतान आधारित हैं, जबकि बाकी स्थानों पर मुफ्त पानी उपलब्ध कराया जाता है। योजना के तहत JJ क्लस्टर क्षेत्रों में करीब 50 नए Water ATM मुफ्त आधार पर लगाए जाएंगे। साथ ही NDMC और Navyug स्कूलों के बाहर भी Water ATM लगाने का सुझाव दिया गया है, ताकि छात्रों और अभिभावकों को स्वच्छ पेयजल आसानी से मिल सके।
5000 लीटर क्षमता के पंप
आपातकालीन जल आपूर्ति व्यवस्था को भी मजबूत किया गया है। इसके तहत 5 पानी की ट्रॉलियों में लगभग 5000 लीटर क्षमता के पंप लगाए गए हैं, जिससे जरूरत पड़ने पर प्रभावित क्षेत्रों में तुरंत पानी पहुंचाया जा सकेगा। NDMC ने ऐसे कई स्थानों की भी पहचान की है, जहां अक्सर पानी की कमी की शिकायत आती है और गर्मियों में इन क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।



