नई दिल्ली। आज के तीव्र परिवर्तनशील वैश्विक परिदृश्य में जहां अर्थव्यवस्था, प्रौद्योगिकी और समाज निरंतर नए आयाम ग्रहण कर रहे हैं, वहां ज्ञान-आधारित विमश्र् और शोध कर भूमिक पहले से कहीं अधिक महत्वपूर्ण हो गई है। डिजिटनल क्रांति, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और वैश्विक आर्थिक पुनर्संचना ने न केकवल व्यापारक प्रक्रियाओं को पुनर्पभाषित किया है, बल्कि सामाजिक संरचनाओं और सांस्कृतिक दृष्टिकोणों को भी गहराई से प्रभावित किया है। ऐसे समय में युवा शोधार्थियों के लिए यह आवश्यक हो जाता है कि वे बहु-विषयक दृष्टिकोण अपनाते हुए समकालीन चुनौतियों का विश्लेषण करें और नवाचारपूर्ण समाधान प्रस्तुत करें, बल्कि युवा मस्तिष्कों को वैश्विक परिवर्तनों के अनुरूप सोच विकसित करने के लिए भी प्रेरित करता है।

इसी सिलसिले में श्री गुरु गोबिंद सिंह कॉलेज ऑफ कॉमर्स (दिल्ली विश्वविद्यालय) में गत मंगलवार को प्रथम राष्ट्रीय युवा शोधार्थी सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का आयोजन आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ (IQAC) द्वारा सेंटर फॉर प्रोफेशनल डेवलपमेंट के सहयोग से किया गया। सम्मेलन का विषय था “परिवर्तनशील विश्व में आर्थिक रूपांतरण, व्यापार, प्रौद्योगिकी और समाज।

कार्यक्रम की शुरुआत एम्फीथिएटर में दीप प्रज्ज्वलन और दिल्ली विश्वविद्यालय के कुलगीत के साथ हुई। इसके पश्चात डॉ. रचना सेठी ने स्वागत एवं परिचयात्मक वक्तव्य प्रस्तुत किया। अतिथियों का सम्मान किया गया तथा प्रो. कवल गिल (संरक्षक एवं कार्यवाहक प्राचार्य) ने स्वागत भाषण दिया।
सम्मेलन में मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट अतिथियों के रूप में प्रो. एम.एन. होडा (निदेशक, BVICAM, गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ विश्वविद्यालय), डॉ. अमिता देव (पूर्व कुलपति, इंदिरा गांधी दिल्ली तकनीकी महिला विश्वविद्यालय) तथा प्रो. के.पी. सिंह (निदेशक, गांधी भवन) उपस्थित रहे। उन्होंने आर्थिक विकास, सततता और तकनीकी प्रगति जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर अपने विचार व्यक्त किए।
प्रो. सतविंदर कौर ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया
सम्मेलन के अंतर्गत विभिन्न विषयों पर ट्रैक आयोजित किए गए, जिनमें वित्त, विपणन एवं उद्यमिता; आर्थिक विकास, सततता एवं विकास; डिजिटल परिवर्तन, कृत्रिम बुद्धिमत्ता एवं नई तकनीकें; भाषा, संस्कृति एवं समाज तथा पोस्टर प्रस्तुति शामिल रहे। इसके अतिरिक्त, विभिन्न कक्षों में समानांतर शोध-पत्र प्रस्तुति सत्र आयोजित किए गए, जिनमें देशभर से आए छात्रों एवं शोधार्थियों ने सक्रिय भागीदारी की। सभी सत्र ज्ञानवर्धक एवं रोचक रहे। अंततः, यह सम्मेलन अत्यंत सफल रहा और युवा शोधार्थियों को अपने विचार साझा करने तथा नए दृष्टिकोण विकसित करने का एक उत्कृष्ट मंच प्रदान किया।



