नई दिल्ली: करवा चौथ 2025 का पर्व न केवल पारंपरिक उत्साह लेकर आया, बल्कि भोजपुरी सिनेमा की दुनिया में भी एक नया ट्विस्ट जोड़ दिया। पवन सिंह की पत्नी ज्योति सिंह ने इस खास दिन पर पति के नाम का व्रत रखा, जो उनके बीच चल रहे कानूनी और पारिवारिक विवादों को देखते हुए सबके लिए हैरानी का सबब बन गया। ज्योति ने सोशल मीडिया पर साझा किए वीडियो और पोस्ट से न सिर्फ अपनी भावनाओं को उजागर किया, बल्कि एक गहरी दुआ भी की, जिसने इंटरनेट पर बहस छेड़ दी। यह घटना न केवल सेलिब्रिटी कल्चर को दर्शाती है, बल्कि रिश्तों की जटिलताओं पर भी रोशनी डालती है।
वीडियो में दिखी पारंपरिक भक्ति
ज्योति ने इंस्टाग्राम पर एक मार्मिक वीडियो अपलोड किया, जिसमें वे लाल साड़ी में सजी हुई नजर आ रही हैं। हाथों में करवा की थाली थामे, वे चांद को अर्घ्य चढ़ाती दिखीं और फिर अकेले ही व्रत तोड़ा। वीडियो की शुरुआत से ही उनकी मुस्कान और साज-सज्जा ने दर्शकों को आकर्षित किया, लेकिन अंत में आया भावुक कैप्शन ने सबको स्तब्ध कर दिया। ज्योति ने लिखा, “पत्नी होने के नाते अपना कर्तव्य निभाती रहूंगी, पर भगवान से यही दुआ है कि मेरी जैसी अभागन कोई और न बने।” यह शब्द उनके दर्द को साफ जाहिर करते हैं, जो विवादों की आग में तप चुके रिश्ते की कहानी बयां करते हैं।
विवादों की पृष्ठभूमि
पिछले कई महीनों से पवन सिंह और ज्योति का वैवाहिक जीवन सुर्खियों में रहा है। ज्योति ने पवन पर अबॉर्शन, घरेलू हिंसा और अन्य गंभीर आरोप लगाए, जबकि पवन ने इन्हें झूठा बताते हुए अपनी सफाई दी। आरा कोर्ट में तलाक का केस चार साल से लंबित है और हाल ही में ज्योति की प्रशांत किशोर से मुलाकात ने इसे राजनीतिक रंग दे दिया। बावजूद इसके, करवा चौथ पर ज्योति का व्रत रखना और पवन का नाम बनाए रखना साबित करता है कि भावनाएं अभी भी कायम हैं। एक फोटो पोस्ट में हाथ जोड़े खड़ी ज्योति के नाम के नीचे ‘पवन सिंह’ लिखा देख फैंस हैरान रह गए, जो विवादों के बावजूद उनके जुड़ाव को दिखाता है।
सोशल मीडिया पर मिश्रित प्रतिक्रियाएं
ज्योति की पोस्ट ने सोशल मीडिया पर तूफान ला दिया। जहां कुछ यूजर्स ने उनकी भक्ति और कर्तव्यनिष्ठा की तारीफ की, वहीं पवन के फैंस ने उन्हें ट्रोल करना शुरू कर दिया। कमेंट्स में लिखा गया, “वाह रे कन्या, एक तरफ इज्जत का फालूदा बना दिया और दूसरी तरफ व्रत?” या “अगर इतना प्यार है तो विवाद क्यों?” कुछ ने तो इसे ड्रामा करार दे दिया। हालांकि, कई ने ज्योति के दर्द को समझा और कहा कि रिश्ते हमेशा काले-सफेद नहीं होते। यह ट्रोलिंग न केवल सेलिब्रिटी प्राइवेसी पर सवाल उठाती है, बल्कि महिलाओं के भावनात्मक संघर्ष को भी उजागर करती है।
रिश्तों का नया मोड़
यह घटना पवन-ज्योति विवाद को नया आयाम देती है। ज्योति का व्रत न केवल पारंपरिक मूल्यों का सम्मान है, बल्कि एक संदेश भी कि दर्द के बीच भी आशा बाकी रहती है। भोजपुरी इंडस्ट्री में जहां पवन की लोकप्रियता बुलंद है, वहीं ज्योति की यह पहल उन्हें एक मजबूत महिला के रूप में पेश करती है। अब सवाल यह है कि क्या यह व्रत रिश्ते को सुधारने का संकेत है या सिर्फ एक व्यक्तिगत कदम? फिलहाल, सोशल मीडिया पर चर्चा थमने का नाम नहीं ले रही और फैंस पवन की प्रतिक्रिया का इंतजार कर रहे हैं।



