पटना: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 से ठीक पहले एनडीए में सीट बंटवारे की खींचतान खत्म होती नजर आ रही है। एनडीए के सहयोगी दल हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (HAM) के अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने दिल्ली में हुई बैठक के बाद बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा, ‘मैं अपनी अंतिम सांस तक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ रहूंगा। बिहार में बहार होगी, नीतीश संग मोदीजी की सरकार होगी।’ मांझी का यह बयान सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट किया गया, जिसमें उन्होंने पटना लौटने का जिक्र किया।
अभी मैं पटना निकल रहा हूँ…
— Jitan Ram Manjhi (@jitanrmanjhi) October 12, 2025
वैसे एक बात बता दूँ मैंने पहले भी कहा था और आज फिर से कह रहा हूँ…
मैं जीतन राम मांझी अपने अंतिम साँस तक माननीय प्रधानमंत्री @narendramodi जी के साथ रहूँगा।
“बिहार में बहार होगी,
नीतीश संग मोदी जी की सरकार होगी”
मैराथन बैठक में सीट शेयरिंग पर
बिहार चुनाव की तारीखों के ऐलान के बाद एनडीए में सीट शेयरिंग को लेकर मशक्कत तेज जारी है। शनिवार को दिल्ली में 8 घंटे तक चली मैराथन बैठक में भाजपा, जेडीयू, HAM, LJP (रामविलास) और अन्य सहयोगियों के बीच चर्चा हुई। मांझी को शुरू में नाराज बताया जा रहा था, क्योंकि HAM ने 15 सीटों की मांग की थी, जबकि एनडीए केवल 7 देने को तैयार था। किन रविवार को जारी बैठक में भाजपा के शीर्ष नेताओं से बातचीत के बाद सहमति बन गई।
HAM को 6 सीटें मिलने पर सहमति
सूत्रों के मुताबिक, HAM को 6 विधानसभा सीटें मिलने पर सहमति बनी है। इसके अलावा, भविष्य में एक MLC (विधान परिषद सदस्य) सीट भी देने का वादा किया गया है। मांझी ने कहा, ‘जेपी नड्डा जो कहेंगे, वही होगा।’ यह समझौता HAM को विधानसभा में मान्यता दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है, क्योंकि 2020 में पार्टी को 7 सीटें मिली थीं, जिनमें से 4 जीती गईं। मांझी के जनाधार वाले इलाकों जैसे गया, जहानाबाद और औरंगाबाद पर फोकस रहेगा।
यह भी पढ़ेंः बुनियादी समस्याओं पर नवादाबेन गांव ने दी वोट न देने की धमकी
एनडीए की रणनीति: सहयोगियों को संतुष्ट करना
एनडीए में कुल 243 सीटों का बंटवारा हो रहा है, जिसमें भाजपा और जेडीयू को 100+ सीटें मिलने की उम्मीद है। चिराग पासवान को 28 सीटें, मांझी को 6-7, और कुशवाहा को सीमित संख्या मिल सकती है। गिरिराज सिंह जैसे केंद्रीय मंत्री ने कहा कि नीतीश ही एनडीए का चेहरा हैं। मांझी ने जोर दिया कि गठबंधन में कोई नाराजगी नहीं है, और सभी दल पार्टी के साथ रहेंगे।यह सहमति एनडीए को मजबूत बनाएगी, खासकर महागठबंधन के खिलाफ, जहां तेजस्वी यादव नौकरी वादों से युवाओं को लुभा रहे हैं। मांझी का बयान दलित-महादलित वोट बैंक को एकजुट करने का प्रयास भी है



