जेडीयू में खटपट!, नाराज सांसद ने की इस्तीफे की पेशकश

जेडीयू सांसद अजय कुमार मंडल ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को संबोधित पत्र में सांसद पद से इस्तीफे की अनुमति मांगी है। उन्होंने पार्टी में आंतरिक लोकतंत्र की कमी और कार्यकर्ताओं की उपेक्षा पर नाराजगी जताई।

Share This Article:

भागलपुर: बिहार की राजनीति एक बार फिर करवट लेती दिखाई दे रही है। जनता दल (यूनाइटेड) के वरिष्ठ नेता और भागलपुर से लोकसभा सांसद अजय कुमार मंडल ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को संबोधित एक तीखे, लेकिन विनम्र लहजे में लिखे गए पत्र के माध्यम से सांसद पद से इस्तीफे की अनुमति मांगी है। इस पत्र ने सियासी गलियारों में हलचल पैदा कर दी है।

अजय मंडल ने अपने पत्र में जेडीयू के शीर्ष नेतृत्व, खासकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से गहरी नाराजगी जाहिर करते हुए लिखा है कि पार्टी में आंतरिक लोकतंत्र समाप्त होता जा रहा है और स्थानीय नेतृत्व तथा समर्पित कार्यकर्ताओं की सुनवाई नहीं हो रही है। उन्होंने लिखा ‘जब संगठन में समर्पित कार्यकर्ताओं और स्थानीय नेतृत्व की राय का कोई महत्व नहीं रह गया है, तो मैं अपने आत्मसम्मान और पार्टी के भविष्य की चिंता करते हुए सांसद पद पर बने रहने का क्या औचित्य है।’

अजय मंडल का कहना है कि पार्टी द्वारा हाल में विधानसभा टिकट वितरण की प्रक्रिया में उनसे कोई सलाह-मशविरा नहीं किया गया, जबकि वे स्थानीय सांसद और लंबे समय से पार्टी के सक्रिय नेता हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि ‘पार्टी के लिए कभी काम न करने वाले लोगों को टिकट देने की चर्चा हो रही है,’ जो जमीनी कार्यकर्ताओं के मनोबल को तोड़ रही है। मंडल ने यह भी कहा कि उन्हें मुख्यमंत्री से मिलने की अनुमति तक नहीं दी जा रही, जो उनके लिए बेहद अपमानजनक और चिंताजनक है।

पत्र में लिखा हैः

  • 20–25 वर्षों की सेवा के बावजूद संगठन में उनकी राय की उपेक्षा।
  • 2019 में उनके नेतृत्व में जेडीयू ने विधानसभा उपचुनाव में बड़ी जीत दर्ज की थी।
  • वर्तमान में पार्टी नेतृत्व बाहरी और निष्क्रिय लोगों को प्राथमिकता दे रहा है।
  • नीतीश कुमार के नेतृत्व पर भी सीधा असर पड़ने की चेतावनी दी गई है।

राजनीतिक विश्लेषण: एक चेतावनी या बगावत?

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अजय मंडल का यह पत्र सिर्फ एक व्यक्तिगत असंतोष नहीं, बल्कि पार्टी के भीतर पल रहे असंतोष की मुखर अभिव्यक्ति है। उनकी भाषा भले ही सम्मानजनक हो, लेकिन उसमें कटाक्ष, चेतावनी और विद्रोह की झलक साफ दिखाई देती है। “यह चिट्ठी आने वाले दिनों में पार्टी के भीतर खलबली मचा सकती है। नीतीश कुमार की नेतृत्व शैली और टिकट वितरण की पारदर्शिता को लेकर अब सवाल खुलकर उठने लगे हैं।”

जेडीयू की चुप्पी, भाजपा की उत्सुकता

जहां जेडीयू ने इस पत्र पर अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है, वहीं विपक्षी दलों खासकर भाजपा की नजरें इस घटनाक्रम पर टिकी हैं। भाजपा सूत्रों के अनुसार, अगर मंडल पार्टी से नाराज़ होकर अलग रास्ता चुनते हैं, तो उन्हें अपने खेमे में लाने की कोशिश की जा सकती है।

क्या आगे बढ़ेगा इस्तीफा?

पत्र में मंडल ने सीधे तौर पर “इस्तीफा दे रहा हूं” ऐसा नहीं लिखा है, बल्कि “इस्तीफा देने की अनुमति मांगी है”। इससे संकेत मिलता है कि अंतिम फैसला नीतीश कुमार की प्रतिक्रिया पर निर्भर करेगा। यह एक राजनीतिक दांव भी हो सकता है, जहां पार्टी उन्हें मनाने या समझौता करने की कोशिश करे।

कौन हैं अजय कुमार मंडल?

  • वर्तमान में भागलपुर लोकसभा क्षेत्र से सांसद।
  • जेडीयू के पुराने, निष्ठावान और जमीनी नेता माने जाते हैं।
  • तीन बार विधायक रहे, उसके बाद सांसद बने।
  • जेडीयू संगठन में, विशेष रूप से नवगछिया और भागलपुर जिले में मजबूत पकड़।
  • संसद की ट्रांसपोर्ट, टूरिज्म और कल्चर कमिटी के सदस्य भी हैं।

यह चिट्ठी केवल एक सांसद की नाराजगी नहीं, बल्कि जेडीयू के भीतर गहराते अंतर्विरोध की झलक हो सकती है।
यदि नेतृत्व ने इस चेतावनी को गंभीरता से नहीं लिया, तो यह मामला पार्टी के लिए राजनीतिक नुकसान और संगठनात्मक बिखराव का कारण बन सकता है।

Sandeep Kumar

sandeepx4a@gmail.com

संदीप कुमार एक अनुभवी वरिष्ठ पत्रकार हैं, जिन्हें समाचार जगत में 14 साल से ज्यादा काम किया है। इन्हें गहन शोध, सटीक रिपोर्टिंग और निष्पक्ष पत्रकारिता के लिए जाना जाता है। उन्होंने ETV Bharat, Hyderabad में साढ़े पाँच वर्षों तक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और राष्ट्रीय से लेकर क्षेत्रीय स्तर तक कई अहम खबरों को प्रभावशाली अंदाज में प्रस्तुत किया। इसके साथ ही उन्होंने Network 10, TOTAL News, MH1 समेत कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में भी अपनी पत्रकारिता का कौशल साबित किया। राजनीति, राष्ट्रीय सुरक्षा, समाज और जनसरोकार से जुड़े मुद्दों पर पकड़ मजबूत है। इस समय newG india में कार्यरत हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

न्यूज़लेटर के लिए सब्सक्राइब करें

कैटेगरीज़

हम वह खबरची हैं, जो खबरों के साथ खबरों की भी खबर रखते हैं। हम NewG हैं, जहां खबर बिना शोरगुल के है। यहां news, without noise लिखी-कही जाती है। विचार हममें भरपूर है, लेकिन विचारधारा से कोई खास इत्तेफाक नहीं। बात हम वही करते हैं, जो सही है। जो सत्य से परामुख है, वह हमें स्वीकार नहीं। यही हमारा अनुशासन है, साधन और साध्य भी। अंगद पांव इसी पर जमा रखे हैं। डिगना एकदम भी गवारा नहीं। ब्रीफ में यही हमारा about us है।

©2025 NewG India. All rights reserved.