पटना: बिहार विधानसभा चुनाव से पहले जेडीयू खेमे से एक बड़ी खबर सामने आई है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के करीबी माने जाने वाले और पार्टी के वरिष्ठ नेता जय कुमार सिंह ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। अपने इस्तीफे के दौरान उन्होंने पार्टी नेतृत्व पर गंभीर आरोप लगाए हैं। जय कुमार सिंह ने कहा कि पार्टी में फैसले पूरी तरह से अंधेरे में लिए जा रहे है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार तक कई महत्वपूर्ण मामलों में जानकारी नहीं पहुंचाई जा रही है। उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा उन्होंने यह फैसला अपने अंदर की आवाज और पार्टी के भविष्य को देखते हुए लिया है।
पारदर्शिता पर उठाए सवाल
पूर्व मंत्री जय कुमार सिंह ने जेडीयू में पारदर्शिता की कमी पर सवाल उठाते हुए कहा कि पार्टी ने ऐसे निर्णय लिए जा रहे हैं, जिन्हें केवल कुछ नेताओं की राईटिंग में किया जा रहा है और बाकी सब अंधेरे में रखा जा रहा है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार तक कई महत्वपूर्ण निर्णयों की जानकारी नहीं पहुंचती है। यही वजह है कि वो पार्टी छोड़ रहे हैं। जय कुमार सिंह लंबे समय से जेडीयू के भीतर सक्रिय रहे हैं और नीतीश कैबिनेट में मंत्री भी रह चुके हैं। राजपूत वोटरों के बीच उनकी गहरी पकड़ मानी जाती है।
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टिकट कटने से नाराज थे जय कुमार सिंह
सूत्रों के मुताबिक, जय कुमार सिंह रोहतास की दिनारा विधानसभा सीट से अपनी दावेदारी नहीं होने से नाराज चल रहे थे। बताया जा रहा है कि इस बार दिनारा सीट से जेडीयू उम्मीदवार बदलने की तैयारी में है। टिकट कटने की खबर आने के बाद ही जय कुमार सिंह ने पार्टी से इस्तीफा देने का निर्णय लिया। फिलहाल, जेडीयू के अन्य वरिष्ठ नेताओं ने इस मामले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है। जय कुमार सिंह का इस्तीफा बिहार चुनाव से ठीक पहले जेडीयू के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है।



