नई दिल्ली: बिहार विधानसभा चुनाव से पहले लालू यादव परिवार को बड़ा झटका लगा है। IRCTC घोटाला मामले में दिल्ली की राउज़ एवेन्यू कोर्ट ने पूर्व रेल मंत्री व आरजेडी अध्यक्ष लालू यादव, पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी और बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव के खिलाफ आइपीसी की धारा 420, धारा 120 और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (पीसी एक्ट) के तहत आरोप तय कर दिए हैं। राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव के खिलाफ भी धोखाधड़ी और आपराधिक षड्यंत्र का आरोप तय किया गया है। इस मामले में अदालत ने लालू परिवार समेत 14 आरोपियों के खिलाफ आरोप तय किए हैं।
अदालत ने लालू यादव को पूछा कि क्या आप अपने ऊपर लगाए गए आरोप को स्वीकार करते हैं। इस पर लालू यादव ने खुद को बेगुनाह बताया। वहीं राबड़ी देव और तेजस्वी यादव ने भी अपने ऊपर लगाए गए आरोपों को गलत बताया और कहा कि वे मुकदमे का सामना करेंगे और इसे चुनौती देंगे।
लालू यादव व्हीलचेयर पर कोर्ट पहुंचे
अदालत ने 29 मई को निर्णय सुरक्षित रख लिया था। इसके बाद 24 सितंबर को विशेष न्यायाधीश विशाल गोगने ने पूर्व रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव, उनकी पत्नी व बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी, उनके बेटे व पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव सहित अन्य आरोपितों को अदालत में पेश होने का निर्देश दिया था। इसके बाद सोमवार को लालू यादव व्हीलचेयर पर कोर्ट पहुंचे, जहां जज ने आरोपों को पढ़ा। कोर्ट ने माना कि सीबीआई ने साक्ष्यों को मजबूती से पेश किया। लालू पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (पीसी एक्ट) के तहत पद के दुरुपयोग, आईपीसी की धारा 420 (धोखाधड़ी), 120बी (साजिश) और अन्य धाराओं के आरोप लगे। राबड़ी देवी और तेजस्वी पर मुख्य रूप से धारा 420 और 120बी के तहत आरोप तय हुए।
क्या है IRCTC घोटाला
यह मामला 2004 से 2009 के बीच का है, जब लालू यूपीए-1 सरकार में रेल मंत्री थे। सीबीआई की एफआईआर के अनुसार, रांची (BNR होटल) और पुरी (BNR होटल) के दो ऐतिहासिक रेलवे होटलों को IRCTC ने पहले अपने नाम किया, फिर रखरखाव का ठेका पटना की सुजाता होटल्स प्राइवेट लिमिटेड को दे दिया। ठेका देने के लिए टेंडर प्रक्रिया में शर्तें बदल दी गईं, जिससे अन्य कंपनियां अयोग्य हो गईं। बदले में, सुजाता होटल्स के मालिक विजय कोचर और विनय कोचर ने लालू से जुड़ी एक बेनामी कंपनी (लारा प्रोजेक्ट्स) को दिल्ली के गुरुग्राम में तीन एकड़ प्राइम लैंड सर्किल रेट से 90% कम कीमत पर ट्रांसफर कर दिया। सीबीआई का दावा है कि इस सौदे से रेलवे को करोड़ों का राजस्व नुकसान हुआ। कोर्ट ने कहा, “आपने सार्वजनिक पद का दुरुपयोग कर टेंडर प्रक्रिया प्रभावित की, शर्तें बदलकर साजिश रची और लैंड का मूल्यांकन कम करवाया।” सुनवाई के दौरान लालू ने आरोपों को सुनते हुए कहा, “मैं निर्दोष हूं, कुछ नहीं किया। मुकदमे का सामना करूंगा।” राबड़ी ने इसे “गलत केस” बताया, जबकि तेजस्वी ने कहा कि वे ट्रायल में सबूत देंगे। अन्य आरोपी जैसे पूर्व आईआरसीटीसी जीएम वीके अस्थाना, आरके गोयल और कोचर बंधु भी मौजूद थे।
जब तक दंगाई एवं संविधान विरोधी बीजेपी सत्ता में है और मेरी उम्र है बीजेपी से लड़ते रहेंगे। तूफ़ानों से लड़ने में मज़ा ही कुछ और है। हमने संघर्ष पथ चुना है। संघर्ष पथ पर चलते-चलते अच्छे मुसाफ़िर बन निश्चित ही मंजिल प्राप्त करेंगे।
— Tejashwi Yadav (@yadavtejashwi) October 13, 2025
एक महीना पहले बिहार आकर गृहमंत्री अमित शाह जी…
बिहार चुनाव पर असर
यह फैसला बिहार चुनाव से महज कुछ हफ्ते पहले आया है, जहां RJD महागठबंधन का हिस्सा है। विपक्षी दलों ने इसे “राजनीतिक साजिश” करार दिया, लेकिन NDA ने इसे “भ्रष्टाचार पर लगाम” बताया। RJD प्रवक्ता मनीष यादव ने कहा, “यह बीजेपी का बदला है, जनता सच्चाई जानती है।” वहीं, बीजेपी नेता प्रवेश वर्मा ने ट्वीट किया, “अब लालू परिवार का हिसाब बराबर होगा।
अदालत ने अगली सुनवाई 15 नवंबर तय की है
कोर्ट ने अगली सुनवाई 15 नवंबर तय की है, जहां ट्रायल शुरू होगा। अधिकतम सजा 7 साल की हो सकती है।यह केस लालू परिवार पर पहले से चल रहे लैंड-फॉर-जॉब्स घोटाले से जुड़ा माना जा रहा है, जहां रेलवे नौकरियों के बदले जमीन लेने के आरोप हैं। सीबीआई और ईडी की जांच जारी है। RJD के लिए यह चुनौतीपूर्ण समय है, क्योंकि एनडीए सइसे चुनावी मुद्दा बनाकर महागठबंधन पर हमला कर सकता है।



