नई दिल्ली: दिल्ली की मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता ने आज दिल्ली विधानसभा से ‘तिरंगा साइक्लोथॉन फॉर गर्ल्स’ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर बेटियों का उत्साह बढ़ाते हुए कहा कि कि जब हमारी बेटियों को अपने सपनों की उड़ान मिलेगी, तभी देश के आकाश में तिरंगा और भी शान से लहराएगा। उन्होंने कहा कि अब वक्त ‘बेटियों को सशक्त’ करने का है। रिमझिम बारिश के बीच बेटियों ने राजघाट तक इस यात्रा को पूरा किया।
इस अनूठे ‘तिरंगा साइक्लोथॉन फॉर गर्ल्स’ कार्यक्रम में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने प्रतिभागी बेटियों को आशीर्वाद देते हुए कहा कि यह साइक्लोथॉन स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर नई उड़ान और नया अध्याय है। यह आयोजन न केवल स्वास्थ्य और फिटनेस का संदेश देता है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि बेटियां आज हर क्षेत्र में आगे बढ़ने को तैयार हैं। जब हमारी बेटियों के सपनों की उड़ान मिलेगी, तभी देश के आकाश में तिरंगा और भी शान से लहराएगा। उन्होंने सभी बेटियों से आह्वान किया कि वे आसमान की ओर हाथ फैलाकर यह संकल्प लें कि देश का नाम रोशन करना है, दिल्ली की बेटी बनकर भारत की बेटी बनना है।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने यह भी कहा कि देश में पहले ‘बेटी बचाओ’ पर बल दिया गया, फिर यह अभियान ‘बेटी पढ़ाओ’ के संकल्प तक पहुंचा। अब वक्त है ‘बेटी बढ़ाओ’ का। हमारा उद्देश्य है कि हर बेटी का भविष्य उज्ज्वल हो और वह अपने सपनों को पूरा करते हुए डीएम, सीएम, वैज्ञानिक या खिलाड़ी आदि बनकर देश का मान-सम्मान बढ़ाएं।
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इस अवसर पर शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस के अमर नारे ‘तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आज़ादी दूंगा’ का उल्लेख किया और कहा कि आज का भारत बेटियों से लहू नहीं, बल्कि उनका संकल्प, जुनून और कभी हार न मानने वाली जिद मांगता है। उन्होंने कहा कि ‘पंखों से नहीं, हौसलों से उड़ान होती है।’ शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने जानकारी दी कि जिस मार्ग पर यह ‘तिरंगा साइक्लोथॉन फॉर गर्ल्स’ निकाली जा रही है, वहां कभी ‘डांडी मार्च’ जैसी ऐतिहासिक घटनाएं हुई थीं। मुख्यमंत्री के विशेष आग्रह पर इसे केवल बेटियों के लिए आयोजित किया गया, जैसे नेताजी ने स्वतंत्रता संग्राम में रानी लक्ष्मीबाई रेजिमेंट बनाई थी। शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने स्वतंत्रता दिवस के आयोजन को स्वच्छता अभियान से भी जोड़ने की अपील की। उन्होंने बेटियों से आह्वान किया गया कि वे अपने घर और स्कूल के आसपास स्वच्छता बनाए रखने में योगदान दे और किसी भी ऐसे कार्यों को न होने दें जो वातावरण को दूषित, अस्वच्छ और अस्वस्थ करता है।



