नई दिल्ली। दिल्ली में महिलाओं की मुफ्त बस यात्रा व्यवस्था अब पूरी तरह डिजिटल होने जा रही है। दिल्ली परिवहन निगम (डीटीसी) ने घोषणा की है कि 1 अगस्त 2026 से डीटीसी और क्लस्टर बसों में मुफ्त सफर के लिए पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड अनिवार्य होगा। इसके साथ ही पेपर पिंक टिकट की व्यवस्था पूरी तरह खत्म कर दी जाएगी।डीटीसी के सर्कुलर के मुताबिक, 31 जुलाई 2026 तक महिलाओं को पेपर पिंक टिकट जारी किए जाएंगे। हालांकि, 1 अगस्त के बाद केवल वही महिलाएं मुफ्त यात्रा कर सकेंगी, जिनके पास वैध पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड होगा। बस में चढ़ते समय कार्ड को इलेक्ट्रॉनिक मशीन पर टैप करना भी जरूरी होगा। ऐसा नहीं करने पर मुफ्त यात्रा का लाभ नहीं मिलेगा। यदि किसी महिला के पास पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड नहीं है, तो उसे सामान्य यात्रियों की तरह टिकट खरीदकर किराया देना होगा।
क्या है पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड?

पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड नेशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड (NCMC) आधारित स्मार्ट कार्ड है। यह आधार और मोबाइल नंबर से लिंक होगा। कार्ड पर यात्री की फोटो और यूनिक क्यूआर कोड होगा, जिससे हर यात्रा का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा। इससे मुफ्त यात्रा योजना में पारदर्शिता बढ़ेगी और फर्जीवाड़े पर रोक लगाने में मदद मिलेगी।
क्यों किया गया बदलाव?
डीटीसी का कहना है कि नई डिजिटल व्यवस्था लागू होने से मुफ्त यात्रा का रिकॉर्ड पूरी तरह ऑनलाइन रहेगा। इससे लाभार्थियों का सटीक डेटा उपलब्ध होगा, टिकटिंग प्रक्रिया आसान होगी और योजना के संचालन में पारदर्शिता आएगी।
महिलाओं को क्या करना होगा?
31 जुलाई तक पेपर पिंक टिकट से मुफ्त यात्रा की सुविधा मिलेगी।
1 अगस्त 2026 से पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड अनिवार्य होगा।
बस में चढ़ते समय स्मार्ट कार्ड टैप करना जरूरी होगा।
कार्ड नहीं होने पर सामान्य किराया देकर टिकट लेना होगा।



