नई दिल्ली: प्रवर्तन निदेशाल (ED) ने मंगलवार को आम आदमी पार्टी के नेता सौरभ भारद्वाज के घर पर छापेमारी की है। दिल्ली के अस्पतालों के निर्माण में करोड़ों रुपये के घोटाले करने के मामले में प्रर्वतन निदेशालय ने दिल्ली एनसीआर में 13 जगहों पर छापेमारी की है। जिल जगहों पर छापेमारी की गई है। उनमें आप नेता सौरभ भारद्वाज के घर, परियोजना में शामिल ठेकेदार, बिचौलिए और सरकारी अधिकारी शामिल हैं। इन लोगों पर टेंडर प्रक्रिया को प्रभावित कर घोटाला करने का आरोप है। सरकारी रुपयों का दुरुपयोग और धन शोधन के साक्ष्यों का पता लगाने के लिए यह कार्रवाई की गई। इस मामले में सौरभ भारद्वाज के अलावा पूर्व स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन के खिलाफ भी केस दर्ज किया गया था।
केंद्रीय गृहमंत्रालय के की और से दिल्ली के पूर्व स्वास्थ् मंत्रियों भारद्वाज और जैन के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत जांच क मंजूरी दिए जाने के बाद एसीबी ने केस दर्ज किया था।इसके बाद ईडी ने भी इस मामले में कथित धन शोधन के आरोपों की जांच शुरू की। ईडी की छापेमारी को लेकर भाजपा और आम आदमी पार्टी में आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गया है।
यह अस्पताल निर्माण घोटाले की जांच है : भाजपा

दिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेन्द्र सचदेवा ने ईडी की छापेमारी को लेकर आम आदमी पार्टी पर जमकर निशाना साधा है। उन्होंने कहा है कि आम आदमी पार्टी एक भ्रमजाल पार्टी है जिसके नेता अपनी सरकार के भ्रष्टाचार के बचाव के लिए भ्रम फैलाने के माहिर खिलाड़ी हैं। आज जब लम्बे समय से पंजीकृत अस्पताल निर्माण घोटाले के संदर्भ में जांच एजेंसी ई.डी. ने पूर्व मंत्री सौरभ भारद्वाज के निवास पर रेड किया तो हमेशा की तरह बौखलाए आप नेताओं ने भ्रमजाल फैलाना शुरू कर दिया।
सचदेवा ने कहा आप नेता कह रहे है जब अस्पताल निर्माण का निर्णय हुआ उस वक्त सौरभ भारद्वाज मंत्री नहीं थे, यह बिल्कुल ठीक है अस्पताल निर्माण का निर्णय सौरभ भारद्वाज ने नहीं लिया पर क्या आप नेता इस सच को नाकार सकते हैं कि जिस वक्त अस्पताल निर्माण चलता रहा है उस वक्त सौरभ भारद्वाज मंत्री थे। आम आदमी पार्टी नेता बतायें कि क्या यह सच नहीं कि वह अपने शासनकाल में एक भी घोषित अस्पताल का निर्माण पूरा नहीं कर सके क्योंकि जितने भी अस्पतालों के निर्माण की घोषणा कि वह आधी अधूरी योजना से भवन राशि आवंटित कर की।
केजरीवाल सरकार के शासन में निर्माण जारी रखने के लिए तक छोटे छोटे टेंडर या मंत्री स्तर पर स्वीकृत कर आकस्मिक सामग्री खरीद का खेल लगातार चलता रहा है। इस सब फंड स्वीकृति खेल के दौरान सत्येंद्र जैन, मनीष सिसोदिया एवं सौरभ भारद्वाज मंत्री रहे और उनकी इसमें गम्भीर भूमिका रही। वीरेंद्र सचदेवा ने आप नेताओं से पूछा है कि क्या ई.डी. जांच को फर्जी बताने वाले सौरभ भारद्वाज शपथ लेकर यह कह सकते हैं कि उन्होंने अस्पताल निर्माण से जुड़ी आकस्मिक या अतिरिक्त टेंडर खरीद के लिए स्वास्थ्य मंत्री के नाते कोई स्वीकृति नहीं दी। सचदेवा ने कहा है कि कौन कब मंत्री था यह मायने नहीं रखता क्योंकि यह अस्पताल निर्माण घोटाले की जांच है, अस्पताल बनाने के निर्णय की नहीं।
पीएम मोदी की डिग्री से देश का ध्यान भटकाने को हुई छापेमारी : आतिशी

आम आदमी पार्टी की वरिष्ठ नेता और दिल्ली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष आतिशी ने सौरभ भारद्वाज के घर ईडी की रेड को लेकर मोदी सरकार और भाजपा पर पलटवार किया। उन्होंने कहा कि प्रधामंत्री नरेंद्र मोदी की फर्जी डिग्री से देश के लोगों का ध्यान भटकाने के लिए सौरभ भारद्वाज के यहां ईडी की रेड हुई है। जब एक आरटीआई कार्यकर्ता ने मोदी की डिग्री दिखाने को कहा तो दिल्ली यूनिवर्सिटी डिग्री दिखाने से इनकार कर हाईकोर्ट चली गई। आखिर यह कैसी यूनिवर्सिर्टी है, जिसे इस बात का गर्व नहीं है कि देश के प्रधानमंत्री उसके पूर्व छात्र हैं। जिस समय का यह केस बताया जा रहा है, उस समय सौरभ भारद्वाज मंत्री ही नहीं थे, यह पूरा केस ही झूठा है।
इसको भी पढ़ें: बैंकों पर ED का हंटर, अनिल अंबानी के लोन की डिटेल मांगी
ध्यान भटकाने और आम आदमी पार्टी को डराने की साजिश है
आतिशी ने मंगलनवार को संवादाता सम्मेलन में सवाल उठाया कि अगर दिल्ली यूनिवर्सिटी को इस बात पर गर्व नहीं है कि देश के प्रधानमंत्री उनके छात्र थे, तो यह कैसी यूनिवर्सिटी है। आतिशी ने सवाला दिया कि जब रेखा गुप्ता दिल्ली की मुख्यमंत्री बनीं, तो दिल्ली यूनिवर्सिटी ने उन्हें बुलाकर सम्मानित किया, क्योंकि उनकी छात्रा मुख्यमंत्री बनी। इसी तरह, जब वह खुद मुख्यमंत्री थीं, तो सेंट स्टीफंस कॉलेज और ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी ने उनकी उपलब्धि को गर्व के साथ प्रचारित किया। लेकिन दिल्ली यूनिवर्सिटी मोदी की डिग्री को छुपाना चाहती है, जिससे देश में सवाल उठ रहे हैं।
आतिशी ने भाजपा के भ्रष्टाचार के दावों को खारिज करते हुए कहा कि यह छापेमारी केवल ध्यान भटकाने और आम आदमी पार्टी को डराने की साजिश है, लेकिन “आप” डरने वाली नहीं है। जिस समय का केस बताया जा रहा है, उस समय सौरभ मंत्री भी नहीं थे। यानी पूरा केस ही झूठा है। सत्येंद्र जैन को भी तीन साल जेल में रखकर आखिरकार सीबीआई और ईडी को क्लोजर रिपोर्ट देनी पड़ी। इससे साफ़ है कि आम आदमी पार्टी के नेताओं पर लगाए गए सारे केस सिर्फ झूठे और राजनीति से प्रेरित हैं।



