गाजियाबाद: गाजियाबाद में एक Dog lover महिला पर हुए हमले ने दिल्ली-एनसीआर में आवारा कुत्तों को लेकर चल रहे विवाद को और गहरा कर दिया है। वायरल हो रहे एक वीडियो में, एक व्यक्ति महिला को सिर्फ इसलिए बेरहमी से थप्पड़ मारता दिख रहा है क्योंकि वह सोसायटी के कुत्तों को खाना खिला रही थी। इस घटना ने एक बार फिर पशु प्रेमियों और जानवरों से परेशान लोगों के बीच की खाई को उजागर कर दिया है। यह घटना गाजियाबाद के सिद्धार्थ विहार की है, जिसके बाद पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।
घटना का पूरा विवरण
यह घटना गाजियाबाद के विजय नगर थाना क्षेत्र के तहत आने वाली सिद्धार्थ विहार के ब्रह्मपुत्र एन्क्लेव सोसायटी में हुई। वायरल वीडियो में दिख रहा है कि एक महिला रात के समय सड़क के किनारे कुछ आवारा कुत्तों को खाना खिला रही थी। तभी कमल खन्ना नामक एक शख्स वहां पहुंचा और महिला को ऐसा करने से रोकने लगा। दोनों के बीच बहस शुरू हो गई, जो जल्द ही हिंसक हो गई। वीडियो में साफ दिख रहा है कि कमल खन्ना महिला पर ताबड़तोड़ थप्पड़ बरसा रहा है। महिला लगातार कह रही है, “मैंने कहां मारा” और किसी से वीडियो बनाने के लिए कहती नजर आ रही है। इस दौरान महिला को बचाने के लिए कुत्तों ने भी भौंकना शुरू कर दिया, जिससे युवक और भी भड़क गया। जब आरोपी को एहसास हुआ कि कोई उसका वीडियो बना रहा है, तो उसने महिला को छोड़ दिया और धमकी भरे लहजे में कहा, “बना ले वीडियो।” आसपास के लोगों ने बीच-बचाव कर मामले को शांत कराया, लेकिन तब तक किसी ने इस घटना का वीडियो रिकॉर्ड कर लिया था और उसे सोशल मीडिया पर अपलोड कर दिया।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई
जैसे ही यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, गाजियाबाद पुलिस ने इसका संज्ञान लिया। सहायक पुलिस आयुक्त (कोतवाली) रितेश त्रिपाठी ने X (पूर्व में ट्विटर) पर एक पोस्ट में बताया कि पुलिस ने वायरल वीडियो के आधार पर कार्रवाई की है। उन्होंने बताया कि थाना विजयनगर में आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में केस दर्ज किया गया है और उसे हिरासत में ले लिया गया है। पुलिस मामले की आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है।
यह घटना एक बार फिर इस बात पर बहस छेड़ रही है कि आवारा जानवरों को खाना खिलाने को लेकर समाज में किस तरह के मतभेद और तनाव मौजूद हैं। सुप्रीम कोर्ट के हालिया फैसले के बाद ऐसे मामलों में और बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है, जहां एक तरफ पशु प्रेमी हैं और दूसरी तरफ वे लोग हैं जो आवारा जानवरों को खतरा मानते हैं।



