नई दिल्ली: दिल्ली के उपराजयपाल विनय कुमार सक्सेना एवं मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मंगलवार को पूसा रोड स्थित स्प्रिंगडेल्स स्कूल में आयोजित एक कार्यक्रम में ‘डिजास्टर रेडी स्कूल कैंपेन’ का शुभारंभ किया। यह अभियान राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण तथा दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के सहयोग से शुरू किया गया है। इसके अंतर्गत पहले चरण में दिल्ली के सभी सरकारी, सरकारी सहायता प्राप्त तथा मान्यता प्राप्त निजी विद्यालयों सहित कुल 2000 से अधिक विद्यालयों में दो-दिवसीय संरचित प्रशिक्षण एवं मॉक ड्रिल कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री आशीष सूद, राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के सचिव मनीष भारद्वाज, सदस्य एवं विभागाध्यक्ष राजेन्द्र सिंह और संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे। कार्यक्रम के दौरान बच्चों द्वारा भूकंप सुरक्षा ड्रिल, ड्रॉप-कवर-होल्ड डेमोंस्ट्रेशन आदि का प्रदर्शन किया गया।
उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने इस कार्यक्रम को बच्चों को सुरक्षित और जागरूक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण संकल्प बताया और कहा कि वर्तमान समय में इसकी विशेष आवश्यकता है। उन्होंने बताया कि दिल्ली के सिस्मिक ज़ोन-4 में स्थित होने के कारण भूकंप की दृष्टि से अत्यधिक संवेदनशील है और आग, हीट वेव, जलभराव आदि जैसे जोखिम इसे और भी चुनौतीपूर्ण बनाते हैं। उपराज्यपाल ने इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘ज़ीरो कैजुअल्टी’ विज़न और उनके ग्लोबली मान्यता प्राप्त ‘10-पॉइंट्स एजेंडा’ के अनुरूप बताया, जिसमें जोखिम प्रबंधन, सामुदायिक लचीलापन, तकनीक आधारित अर्ली वार्निंग और संस्थागत स्तर पर आपदा तैयारी जैसे पहलू शामिल हैं। कार्यक्रम के कार्यान्वयन का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि इस अभियान को दिल्ली के सभी साढ़े पांच हजार स्कूलों में सेफ्टी ऑडिट के माध्यम से दिशा-निर्देशों के पालन को सुनिश्चित किया जाएगा। उपराज्यपाल महोदय ने मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता जी का विशेष धन्यवाद व्यक्त किया, जिन्होंने सभी सरकारी स्कूलों में इस अभियान को आरंभ करने की पहल की।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बच्चों को इस अभियान का ‘ब्रांड एंबेसडर’ बताते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी युवा पीढ़ी को देश का वास्तविक ब्रांड एंबेसडर मानते हैं। उन्होंने कहा कि स्वच्छता अभियान में जिस तरह बच्चों ने अपने माता-पिता को गंदगी न फैलाने की सीख दी थी, उसी तरह अब ये बच्चे अपने परिवार और समाज को आपदा सुरक्षा की संस्कृति सिखाएंगे। उन्होंने भूकंप के दौरान बच्चों को ‘ड्रॉप, कवर और होल्ड’ तकनीक तथा ‘प्रेज़ेंस ऑफ माइंड’ की आवश्यकता पर जोर दिया, क्योंकि भूकंप अचानक आने वाली स्थिति है जिसमें त्वरित और सही प्रतिक्रिया बेहद जरूरी होती है। मुख्यमंत्री ने सुरक्षा को दैनिक आदतों का हिस्सा बनाने और तैयारी को एक सतत अभ्यास के रूप में अपनाने पर बल दिया। उन्होंने बच्चों को समाज में जागरूकता फैलाने का प्रमुख माध्यम बताया और विश्वास जताया कि ‘सेफ्टी एंबेसडर’ बनकर वे अपने परिवार और समुदाय को भी जागरूक कर सकेंगे, जिससे यह अभियान स्कूलों और कार्यालयों से आगे बढ़कर आम जनता तक पहुंचेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली देश की राजधानी है और हर क्षेत्र में रोल मॉडल बनना हमारा दायित्व है। दिल्ली सरकार बुनियादी ढांचे, प्रशिक्षण और जागरूकता के हर स्तर पर निरंतर प्रयास करते हुए सुरक्षित और आपदा-तत्पर विद्यालय वातावरण प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है।
इस अवसर पर दिल्ली के कैबिनेट मंत्री श्री आशीष सूद ने कहा की आज हम सब एक ऐतिहासिक क्षण के साक्षी हो रहे हैं। जो न केवल दिल्ली बल्कि पूरे देश के लिए एक दूरदर्शी शुरुआत है। जिस प्रकार हमने दिल्ली में इलेक्ट्रॉनिक बस डिपो स्थापित कर इलेक्ट्रिक मोबिलिटी कैपिटल बनने की दिशा में कदम बढ़ाया है, उसी प्रकार आज स्कूलों को ‘डिजास्टर रेडी कैपिटल’ बनाने की दिशा में एक बड़े संकल्प के अभियान की शुरुआत हुई है। श्री सूद ने कहा कि मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता के नेतृत्व में सरकार यह अभियान दिल्ली के सभी सरकारी, एनडीएमसी, एमसीडी, प्राइवेट स्कूलों में पहुंचाने के लिए तत्पर है। छह शैक्षिक जिलों में लाखों छात्र, प्राचार्य, वॉलंटियर्स, डीडीएमए के फायर सर्विस, सिविल डिफेन्स, आपदा मित्र मिलकर इसे सफल बनाने के लिए तेजी से काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार केवल स्मार्ट स्कूल्स ही नहीं बनाएंगे बल्कि सेफ़ स्कूल्स भी बनाएंगे।
डिजास्टर रेडी स्कूल कैंपेन की विशेषता:

यह महत्वाकांक्षी अभियान प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के ‘जीरो कैजुअल्टी’ (Zero Casualty) विज़न और आपदा जोखिम न्यूनीकरण (DRR) के 10-पॉइंट एजेंडा पर आधारित है और सभी स्कूलों में आपदा तैयारी को संस्थागत बनाने पर केंद्रित है। यह अभियान सभी सरकारी, एमसीडी , एनडीएमसी और मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों सहित 6 चयनित शिक्षा जिलों (नई दिल्ली, मध्य दिल्ली, उत्तर पूर्व-1, उत्तर पूर्व-2, पश्चिम-ए और पश्चिम-बी) में शुरू किया जाएगा। पहले चरण में, इसे 6 जिलों के 2082 स्कूलों में एक संरचित दो-दिवसीय मॉड्यूल के माध्यम से शुरू किया गया है, जिसके बाद शेष लगभग साढ़े तीन हजार स्कूलों में भी इसे जल्द ही लागू किया जाएगा। इस अभियान के तहत प्रत्येक विद्यालय में मानकीकृत स्कूल डिजास्टर मैनेजमेंट प्लान तैयार किया जाएगा, शिक्षकों-विद्यार्थियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा तथा नियमित मॉक ड्रिल की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। दिल्ली सरकार का लक्ष्य है कि दिल्ली का हर विद्यालय न केवल सुरक्षित हो बल्कि आपदा के समय त्वरित और प्रभावी कदम उठाने में सक्षम भी हो।



