नई दिल्ली। दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) की 12 खाली सीटों पर हुए उपचुनाव के नतीजे बुधवार को घोषित कर दिए गए, जिनमें भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने शानदार प्रदर्शन करते हुए सात सीटों पर जीत हासिल की। हालांकि इस जीत के साथ पार्टी को दो सीटों का नुकसान भी हुआ। वहीं, आम आदमी पार्टी (आप) और कांग्रेस ने भी कुछ वार्डों में अपने प्रदर्शन से उपस्थिति दर्ज कराई, लेकिन सबसे बड़ा और अप्रत्याशित परिणाम रहा ऑल इंडिया फॉरवर्ड ब्लॉक (AIFB) की जीत, जिसने राजनीतिक विश्लेषकों को चौंका दिया।
AIFB का बड़ा उलटफेर
चांदनी महल वार्ड में AIFB ने बड़ा उलटफेर करते हुए जीत दर्ज की। इस वार्ड से पार्टी के उम्मीदवार मोहम्मद इमरान ने 4,632 वोटों के अंतर से अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी को हराकर सभी को हैरान कर दिया। दिल्ली की राजनीति में जहां आमतौर पर बीजेपी, आप और कांग्रेस का वर्चस्व होता है, वहां AIFB जैसे अपेक्षाकृत कम सुने जाने वाले दल की जीत ने स्थानीय राजनीति में नई चर्चा को जन्म दिया है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह जीत स्थानीय मुद्दों और उम्मीदवार की लोकप्रियता का नतीजा है।
ऑल इंडिया फॉरवर्ड ब्लॉक को मिली एक सीट
ऑल इंडिया फॉरवर्ड ब्लॉक (AIFB) एक वामपंथी राजनीतिक दल है, जिसकी स्थापना 1939 में नेताजी सुभाष चंद्र बोस द्वारा की गई थी। यह पार्टी मुख्य रूप से पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु और कुछ अन्य राज्यों में सक्रिय है, लेकिन राष्ट्रीय राजनीति में इसका प्रभाव सीमित रहा है। इसके बावजूद दिल्ली जैसे बड़े राजनीतिक क्षेत्र में पार्टी की जीत को एक महत्वपूर्ण और रोचक राजनीतिक घटनाक्रम के रूप में देखा जा रहा है।
12 वार्डों पर 30 नवंबर को हुआ था मतदान
एमसीडी के इन 12 वार्डों के लिए 30 नवंबर को मतदान हुआ था। राज्य चुनाव आयोग ने मतगणना के लिए 10 केंद्र बनाए थे। इस उपचुनाव में लगभग 40 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया, जो 2022 के एमसीडी चुनावों के मुकाबले कम है, जब 50.47 प्रतिशत मतदान हुआ था। इस बार कुल 51 उम्मीदवार मैदान में थे, जिनमें 26 महिलाएं शामिल थीं। बीजेपी ने आठ महिला उम्मीदवार उतारी थीं, वहीं आम आदमी पार्टी की ओर से छह और कांग्रेस द्वारा पांच महिला उम्मीदवारों को टिकट दिया गया था। उपचुनाव के नतीजों ने आगामी स्थानीय राजनीति के समीकरणों को दिलचस्प बना दिया है।



