नई दिल्ली: पापा दुकान से निकल गया हूं, बस जल्दी ही घर पहुंच रहा हूं। अपने पिता को हादसे से आधे घंटे पहले फोन कर अमर कटारिया ने दुकान से निकलने की खबर दी थी। लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। दिल्ली के लाल किले के पास सोमवार की हुए धमाके में दवा कारोबारी अमर कटारिया की मौत हो गई। इकलौते बेटे की अंतिम बार सुनी हुई आवाज अब भी पिता के कानों में गूंज रही है। दरअसल परिजन अमर के घर पहुंचने का इंतजार कर रहे थे। अमर जब घर नहीं पहुंचे तो उन्होंने उसको फोन किया लेकिन उनका नंबर नहीं लगा। बाद में रात आठ बजे बेटे की मौत की मनहूस खबर परिवार को मिली। इस बीच बुधवार को दिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेन्द्र सचदेवा ने आज श्रीनिवासपुरी जा कर अमर कटारिया के पिता जगदीश कटारिया से भेंट कर अपनी और भाजपा परिवार की ओर से संवेदना प्रकट की।
दिल्ली भाजपा अध्यक्ष ने कहा की दिल्ली पुलिस की साकारात्मक प्रारम्भिक जांच के बाद एनआईए अब दिल्ली धमाके की जांच कर रही है और हर सूरत में भारत सरकार इस धमाके की साजिश करने वालों को बेनकाब कर कड़ी सजा देगी। सचदेवा ने कहा दिल्ली धमाका देश को आतंकवाद की चुनौती है और वह इस धमाके में मृत एवं घायल हर व्यक्ति को देश की ओर से सलाम करता हूं क्योंकि वह देश के दुश्मनों के किये हमले के बीच मृत या घायल हुए हैं।



