नई दिल्ली। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) को एक बार फिर प्रदर्शन की अनुमति मिल गई है। संगठन 20 जून को जंतर-मंतर पर NEET पेपर लीक मामले के विरोध में शांतिपूर्ण प्रदर्शन करेगा। इस दौरान केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग भी उठाई जाएगी। CJP का कहना है कि प्रस्तावित प्रदर्शन में NEET प्रश्नपत्र लीक विवाद को लेकर सरकार से जवाबदेही तय करने और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग की जाएगी। संगठन ने यह भी संकेत दिया है कि यदि उनकी मांगों पर कोई सकारात्मक प्रतिक्रिया नहीं मिलती है तो यह प्रदर्शन अनिश्चितकालीन धरने का रूप ले सकता है।
दिल्ली पुलिस से मांगी थी अनुमति
CJP के प्रवक्ता सौरव दास ने एक संवाददाता सम्मेलन में बताया कि संगठन ने शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन के लिए दिल्ली पुलिस से अनुमति मांगी थी। उन्होंने कहा कि प्रदर्शन में कलाकारों और गायकों को भी आमंत्रित किया गया है, जो कार्यक्रम के दौरान अपनी प्रस्तुतियां देंगे।
CJP ने लगाए गंभीर आरोप
संगठन के एक अन्य प्रवक्ता आशुतोष रांका ने आरोप लगाया कि पिछले 24 घंटों में चार NEET अभ्यर्थियों ने आत्महत्या की है। उन्होंने दावा किया कि NEET प्रश्नपत्र लीक विवाद सामने आने के बाद से अब तक 11 विद्यार्थियों ने आत्महत्या की है। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।
रांका ने कहा कि इस पूरे मामले से कई परिवार प्रभावित हुए हैं और छात्रों तथा अभिभावकों में भारी निराशा का माहौल है।
मुआवजे की मांग
CJP ने कथित तौर पर जान गंवाने वाले विद्यार्थियों के परिवारों के लिए एक-एक करोड़ रुपये के मुआवजे की मांग भी की है। संगठन का कहना है कि सरकार को इस मामले में जवाबदेही तय करनी चाहिए और प्रभावित परिवारों को उचित सहायता प्रदान करनी चाहिए। रांका ने कहा, “हमारी मांग स्पष्ट है। हम चाहते हैं कि धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दें। हम 20 जून को फिर से विरोध प्रदर्शन करने जा रहे हैं क्योंकि सरकार की ओर से अब तक कोई संवाद नहीं हुआ है।”



