मुजफ्फरपुर: बिहारशहर के दो चर्चित अपहरण कांडों – ब्रह्मपुरा थाना क्षेत्र की खुशी अपहरण कांड और सदर थाना क्षेत्र की एमबीए छात्रा अपहरण कांड – की जांच कर रही सीबीआई अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गई है। इन मामलों में कई अहम सुराग हाथ लगने के बाद CBI की टीम बड़ी कार्रवाई करने की तैयारी में है। ये दोनों ही मामले हाईकोर्ट के आदेश पर सीबीआई को सौंपे गए थे, और जांच पर हाईकोर्ट की सीधी नजर है।
खुशी अपहरण कांड: टीम मुजफ्फरपुर पहुंची, कई लोग चिह्नित
ब्रह्मपुरा थाना क्षेत्र के पमरिया टोला से लापता हुई खुशी अपहरण कांड में CBI को कुछ अहम सुराग मिले हैं। सोमवार शाम, सीबीआई के ज्वाइंट डायरेक्टर राजीव रंजन के नेतृत्व में आठ अधिकारियों की एक टीम मुजफ्फरपुर पहुंची। टीम ने खुशी के परिजनों से मुलाकात की और आगे की कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है।
जांच के प्रमुख बिंदु
- सीबीआई सूत्रों के अनुसार, कई लोगों को चिह्नित कर उनके खिलाफ कार्रवाई के लिए साक्ष्य जुटाए गए हैं।
- मामले की शुरुआत में खुशी के पिता राजन साह और उनके परिवार व रिश्तेदारों सहित करीब 15 लोगों से कई बार पटना बुलाकर पूछताछ की गई थी।
- संदिग्ध अमन के मोबाइल फोन की जांच हैदराबाद की सीएफएसएल (Central Forensic Science Laboratory) से कराई गई थी, जिसमें कुछ महत्वपूर्ण जानकारी मिली। इसके बाद अमन को दोबारा पूछताछ के लिए बुलाया गया, लेकिन वह फरार हो गया।
- सीबीआई ने राजन साह द्वारा बताए गए कई संदिग्धों से भी पूछताछ की, जिससे कई अहम पहलू सामने आए।
- खुशी की तलाश में सीबीआई स्कूलों, अस्पतालों और बालगृहों तक भी जा चुकी है।
एमबीए छात्रा अपहरण कांड: सोशल मीडिया और सीसीटीवी फुटेज अहम
सदर थाने के भगवानपुर इलाके से गायब एमबीए छात्रा अपहरण कांड में भी सीबीआई निर्णायक मोड़ पर है। इस मामले में भी कुछ सुराग हाथ लगे हैं।
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हाईकोर्ट की सीधी निगरानी, दबाव में सीबीआई
इन दोनों मामलों की जांच सीबीआई हाईकोर्ट के आदेश पर कर रही है, और जांच की प्रगति रिपोर्ट हाईकोर्ट में दाखिल करनी पड़ रही है। खुशी के पिता लगातार जांच में हो रही देरी को लेकर हाईकोर्ट में अवमानना याचिका भी दाखिल कर चुके हैं। इसी दबाव और लंबे समय की जांच के बाद अब सीबीआई इन मामलों में निर्णायक मोड़ पर पहुंची है और जल्द ही कोई बड़ी कार्रवाई होने की उम्मीद है।



