जलप्रलय में बिहार, बाढ़ से 19 मौतें

बिहार में आई भीषण बाढ़ के कारण सैकड़ों पंचायतें जलमग्न हो गई और सड़कें टूट गई। जिसके चलते राज्य में अब तक 19 लोगों की जान चली गई ।

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पटना: बिहार में 10 नदियों में आई भीषण बाढ़ के कारण 13 जिलों में हाहाकार मचा हुआ है। इस प्राकृतिक आपदा में अब तक 19 लोगों की मौत हो चुकी है और 10 लाख से ज़्यादा की आबादी प्रभावित हुई है। बाढ़ से 200 से अधिक पंचायतें जलमग्न हो गई हैं, जिससे लोगों का जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है।

जान-माल का नुकसान

बाढ़ के पानी में डूबने से अब तक 19 लोगों की जान जा चुकी है। इनमें से सबसे ज़्यादा मौतें पटना जिले में (9), भागलपुर में (4), भोजपुर में (2), और लखीसराय, बेगूसराय, गया जी व कैमूर में (1-1) हुई हैं।
बाढ़ से सबसे ज़्यादा प्रभावित हुए जिलों में भागलपुर, पटना, समस्तीपुर, मुंगेर, वैशाली, भोजपुर, लखीसराय और कटिहार शामिल हैं। इन जिलों की सैकड़ों पंचायतें पूरी तरह से पानी में डूब चुकी हैं। भागलपुर जिले की 38 पंचायतें, पटना की 22, समस्तीपुर की 20 और मुंगेर की 15 पंचायतें सबसे ज़्यादा प्रभावित हैं।

आपदा का कारण

बिहार में 10 प्रमुख नदियों का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर चला गया है, जिसके कारण 13 जिलों में बाढ़ आ गई है। गंगा, पुनपुन, सोन, कोसी, गंडक, बागमती, बूढ़ी गंडक, घाघरा, महानंदा, परमान और कमला बलान जैसी नदियां उफान पर हैं।
नदियों का बढ़ा जलस्तर और सड़कों पर जलजमाव
बिहार की कई प्रमुख नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। गंगा का जलस्तर पटना से फरक्का तक बढ़ा हुआ है और पटना व कहलगांव में यह खतरे के निशान से डेढ़ मीटर ऊपर है।

मानवीय क्षति

इस बाढ़ में अब तक 19 लोगों की मौत हो चुकी है। सबसे ज़्यादा मौतें पटना और भागलपुर जैसे जिलों में हुई हैं।
सड़कों पर पानी भर जाने से कई इलाकों का संपर्क टूट गया है। भागलपुर-सुल्तानगंज के बीच NH 80, पटना के निकट दनियावां-बिहारशरीफ NH-30A, और खगड़िया जिले में NH 31 पर आवागमन ठप हो गया है। पटना, भोजपुर, वैशाली, लखीसराय, शेखपुरा, भागलपुर, मधुबनी, मुंगेर, सीतामढ़ी, खगड़िया, कटिहार, समस्तीपुर और बेगूसराय में भी कई सड़कें जलमग्न हैं, जिसके कारण गाड़ियों का परिचालन रुक गया है। कई जगहों पर लोग नावों से यात्रा कर रहे हैं।

लोगों की दुर्दशा और राहत कार्य

बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लोगों को पीने के पानी और खाने-पीने की चीज़ों की भारी किल्लत का सामना करना पड़ रहा है। कई लोग बांधों और ऊँचे स्थानों पर शरण लेने को मजबूर हैं। प्रभावित इलाकों में पशुओं के चारे का भी संकट गहरा गया है और फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है।

प्रभावित आबादी

बाढ़ से लगभग 10 लाख से ज़्यादा लोग प्रभावित हुए हैं। 200 से अधिक पंचायतें पानी में डूबी हुई हैं।
भौगोलिक प्रभाव
बाढ़ के कारण पटना, भागलपुर, समस्तीपुर, मुंगेर, वैशाली, भोजपुर, लखीसराय और कटिहार जैसे जिले बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। राष्ट्रीय राजमार्गों (NH 80, NH-30A, NH 31) सहित कई सड़कें जलमग्न हैं, जिससे आवागमन ठप हो गया है।

जीवन पर प्रभाव

प्रभावित क्षेत्रों में लोगों को पीने के पानी और भोजन की कमी का सामना करना पड़ रहा है। पशुओं के चारे और फसलों को भी भारी नुकसान हुआ है। लोग सुरक्षित स्थानों और बांधों पर शरण लेने को मजबूर हैं।

राहत कार्य

सरकार और स्थानीय प्रशासन राहत और बचाव कार्य में जुटे हुए हैं, लेकिन बाढ़ की भयावहता को देखते हुए स्थिति को संभालना चुनौतीपूर्ण बना हुआ है।
सरकार और स्थानीय प्रशासन की ओर से प्रभावित लोगों को राहत पहुँचाने के प्रयास जारी हैं, लेकिन बाढ़ का प्रकोप इतना ज़्यादा है कि लोगों की ज़रूरतें पूरी कर पाना मुश्किल हो रहा है।

Usha Mehta

ushamehta0013@gmail.com

NewG India का सबसे युवा चेहरा, दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की। ग्रेजुएशन के बाद IGNOU और ABP न्यूज़ नेटवर्क जैसे संस्थानों में इंटर्नशिप की। सोशल और कॉमर्स विषयों की गहरी समझ हैं कलम के साथ आवाज में भी धार हैं। NewG India में बतौर कंटेंट डेवलपर व एंकर अपनी जिम्मेदारी उषा मेहता बखूबी निभा रही हैं ।

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