बिहार कैबिनेट: पुनौरा धाम माता जानकी के मंदिर निर्माण पर खर्च होंगे 882 करोड़

बिहार कैबिनेट ने मंगलवार पुनौरा धाम माता जानकी मंदिर के निर्माण से जुड़े प्रस्ताव का मंजूरी दे दी है। इसके साथ ही कैबिनेट ने 24 अन्य प्रस्तावों को भी हरी झंडी दिखाई।

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पटना: राज्य सरकार ने सीतामढ़ी स्थित पुनौरा धाम में माता जानकी मंदिर निर्माण के लिए 882.87 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं। यह काम तीन चरणों में पूरा होगा। इसमें 137.34 करोड़ रुपये की लागत से पुनौरा धाम स्थित पुराने मंदिर का उन्नयन कार्य, 728 करोड़ रुपये खर्च करके पर्यटन संबंधित आधारभूत संरचना का विकास तथा 10 साल तक इसके रख-रखाव पर 16.62 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में मंगलवार को आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में इस प्रस्ताव पर मुहर लगी। इसके साथ ही 24 एजेंडों पर मुहर लगी। इसमें युवाओं को कौशल प्रशिक्षण के साथ आर्थिक सहायता दिलाने के साथ कलाकारों को आर्थिक मदद देने जैसे प्रस्ताव पास हुए। इसकी जानकारी कैबिनेट मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉ. एस सिद्धार्थ ने मीडिया को दी।

डॉ. सिद्धार्थ ने कहा कि धार्मिक पर्यटन देश की संस्कृति का अभिन्न हिस्सा है। देवी सीता की जन्मस्थली पुनौरा धाम का विशेष धार्मिक और पर्यटकीय महत्व है। इसके मद्देनजर अयोध्या में श्रीराम मंदिर की तर्ज पर माता जानकी मंदिर का निर्माण कराया जा रहा है। योजना के क्रियान्वयन के लिए ईपीसी मॉडल पर निविदा का प्रकाशन, निष्पादन और योजना का क्रियान्वयन बिहार राज्य पर्यटन विकास निगम के स्तर पर कराया जा रहा है। यह स्थान रामायण सर्किट का प्रमुख हिस्सा है।

उन्होंने बताया कि देवी सीता की जन्मस्थली पुनौरा धाम का विशेष धार्मिक और पर्यटकीय महत्व है। सरकार के इस तरह के प्रयास से अयोध्या धाम और पुनौरा धाम के बीच सीधा संपर्क हो जाएगा। व्यापक जनहित में श्रद्धालुओं की भावना और पर्यटन के व्यापक विकास की संभावना को ध्यान में रखते हुए मौजूदा पुनौरा धाम को रामायण सर्किट के तौर पर विकसित किया जाएगा।

युवाओं को कौशल प्रशिक्षण के साथ मिलेगी आर्थिक सहायता भी
राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री-प्रतिज्ञा योजना की शुरुआत की है। इसके अंतर्गत युवाओं को उन्नत कौशल, बेहतर रोजगार क्षमता, नेतृत्व विकास, सशक्त नेटवर्किंग और करियर संवर्धन के नए अवसर मिलेंगे। इसका लाभ 18 से 28 वर्ष की आयु के युवा ले सकेंगे। योजना के तहत पहले साल 2025-26 में 5 हजार लाभार्थी के अलावा वित्तीय वर्ष 2026-27 से 20230-31 तक पांच वर्ष में एक लाख युवाओं को इससे लाभ देने का लक्ष्य रखा गया है। इसमें 12वीं पास, आईटीआई एवं डिप्लोमा पास छात्रों को मासिक इंटर्नशिप की राशि दी जाएगी।

कौशल विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रशिक्षित एवं 12वीं पास को प्रति महीने 4 हजार रुपये, आईटीआई एवं डिप्लोमा पास को 5 हजार रुपये और स्नातक एवं स्नातकोत्तर वालों को 6 हजार रुपये प्रति महीने इंटर्नशिप राशि मिलेगी। इसके अलावा अपने गृह जिले के अतिरिक्त दूसरे जिलों में कार्य करने के लिए आजीविका सहयोग राशि 2 हजार रुपये मासिक और राज्य के बाहर इंटर्नशिप करने वालों को 5 हजार रुपये प्रतिमाह अतिरिक्त राशि प्रदान की जाएगी। आजीविका सहयोग राशि तीन महीने तक दी जाएगी। सभी लाभार्थियों के खातों में डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के जरिए पैसे ट्रांसफर किए जाएंगे।

कलाकारों को मिलेगा पेंशन का लाभ
बिहार कैबिनेट ने मुख्यमंत्री कलाकार पेंशन योजना की स्वीकृति दी है। इसमें राज्य के वरिष्ठ एवं आजीविका संकट से जूझ रहे उत्कृष्ट कलाकारों को प्रत्येक महीने तीन हजार रुपये की पेंशन मिलेगी। इसे मुख्यमंत्री कलाकार पेंशन योजना नाम दिया गया है। इसका लाभ उन्हीं कलाकारों को मिलेगा, जिनकी आयु 50 वर्ष या इससे अधिक और सालाना आय 1.20 लाख से अधिक नहीं हो। संबंधित कलाकार को 10 वर्ष का अनुभव होना चाहिए। इसके अतिरिक्त राज्य के दुर्लभ एवं विलुप्त कलाओं, लोक कलाओं, नाट्य, वाद्य यंत्र, पेंटिंग समेत अन्य के समुचित संरक्षण के लिए मुख्यमंत्री गुरु-शिष्य परंपरा योजना शुरू की गई है। इसके लिए वित्तीय वर्ष 2025-26 में 1.11 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई है। इसके तहत युवा प्रतिभाओं को इन क्षेत्रों में विशेषज्ञों और गुरुओं के मार्गदर्शन में योजना शुरू की गई है।

औद्योगिक क्षेत्रों को किया जाएगा विकसित
अपर मुख्य सचिव ने कहा कि राज्य में औद्योगिक गतिविधि को बढ़ावा देने के लिए एफएआर (फ्लोर एरिया रेशियो) में बदलाव किया गया है। इसमें बियाडा के तहत एकल कारखानों के लिए औसत भूमि हानि 41.8 प्रतिशत से घटाकर 30.9 प्रतिशत, गैर-प्रदूषित उद्योगों के लिए अधिकतम एफएआर 1.5 से बढ़ाकर 2.0 और फ्लैटेड फैक्ट्री के लिए पार्किंग क्षेत्र को घटाकर 30 फीसदी से 14 फीसदी हो जाएगी। इसके अलावा गैर-प्रदूषित उद्योग के लिए हॉस्टल और डोरमेटरी के निर्माण का प्रावधान किया गया है।

पंचायती राज प्रतिनिधि को मुख्यमंत्री चिकित्सा सहायता कोष का लाभ
कैबिनेट के एक अन्य महत्वपूर्ण निर्णय के बाद राज्य के त्रिस्तरीय पंचायती राज जनप्रतिनिधि मुख्यमंत्री चिकित्सा सहायता कोष के जरिए इलाज करवा सकेंगे। इसके अनुसार, कैंसर से पीड़ित जनप्रतिनिधि उन्हें 80 हजार से 1.30 लाख रुपये शल्य चिकित्सा के लिए मिलेगी। ह्रदय रोगियों को 60 हजार से 1.80 लाख रुपये दी जाएगी। इसी तरह मस्तिष्क की सर्जरी के लिए अधिकतम 3 लाख रुपये तक की सुविधा दी जाएगी। नेत्र रोग की सर्जरी के लिए 20 से 40 हजार रुपये दी जाएगी। किडनी प्रत्यारोपण के लिए अधिकतम 3 लाख रुपये, कुल्हा प्रत्यारोपण के लिए 1.70 लाख, घुटना बदलने के लिए 1.50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। इन रोगों के साथ कुल 16 तरह के रोगों के लिए राशि मुहैया कराई जाएगी।

सेवानिवृत न्यायाधीशों को टेलिफोन, घरेलू सहायता भत्ता
राज्य सरकार अब पटना उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त मुख्य न्यायाधीश, सेवानिवृत्त न्यायाधीशों और सुप्रीम कोर्ट के तत्कालीन न्यायाधीश को 55 हजार से 60 हजार रुपये प्रति महीने घरेलू सहायता भत्ता दिया जाएगा। इसके अतिरिक्त 15 हजार रुपये टेलीफोन एवं इंटरनेट भत्ता के तौर पर दिया जाएगा।

दूसरे अहम फैसले

  • अररिया के रामपुर कोदर कट्टी में राजकीय मेडिकल कॉलेज के लिए 20.60 एकड़ जमीन स्वास्थ्य विभाग को स्थानांतरित की गई
  • बेगूसराय में सिमरिया घाट/धाम के विकास के लिए 40 एकड़ एवं 25.5 डिसमिल जमीन पर्यटन विभाग को स्थानांतरित किया
  • बिहार फैक्ट्री नियमावली में बदलाव किया गया। इसके तहत अब खतरनाक कारखानों में गर्भवती और दुग्धपान कराने वाली महिलाओं को छोड़कर अन्य सभी महिलाएं इसमें काम कर सकेंगी। पहले कोई महिला किसी खतरनाक फैक्ट्री में काम नहीं कर सकती थी। इस प्रावधान में बदलाव किया गया है।
  • भोजपुर जिला में गोकुल जलाशय के संरक्षण के लिए कार्ययोजना को मंजूरी दी गई है। इसके लिए 32 करोड़ 48 लाख रुपये जारी की गई है।
  • कृषि विभाग के तहत नेशनल मिशन ऑन नेचुरल फार्मिंग योजना के क्रियान्वयन के लिए 2025-26 के लिए 36 करोड़ 35 लाख रुपये जारी किए गए हैं।
  • चतुर्थ कृषि रोड मैप के तहत केंद्र प्रायोजित प्रधानमंत्री राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के अंतर्गत अनुमंडल स्तरीय मिट्टी जांच प्रयोगशाला की स्थापना और मिट्टी जांच प्रयोगशाला के सुदृढ़ीकरण के लिए 30.49 लाख रुपये की स्वीकृति दी गई है।

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