नई दिल्ली: विश्व पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप (World Para Athletics Championships 2025) के तीसरे दिन भारत के लिए बड़ी खुशी लेकर आया। हरियाणा के युवा एथलीट रिंकू हुड्डा (Rinku Hooda) ने पुरुषों की एफ-46 भाला फेंक स्पर्धा (Javelin Throw F-46) में शानदार प्रदर्शन करते हुए 66.37 मीटर के थ्रो के साथ स्वर्ण पदक अपने नाम किया। इस जीत के साथ उन्होंने अपने हमवतन और दिग्गज एथलीट सुंदर सिंह गुर्जर (Sundar Singh Gurjar) को पछाड़ दिया, जिन्हें 64.76 मीटर के थ्रो के बाद रजत पदक से संतोष करना पड़ा।
अजीत रहे चौथे, क्यूबा को मिला कांस्य
इस प्रतियोगिता में भारत के अजीत सिंह (Ajit Singh) ने भी दमदार प्रदर्शन किया, लेकिन 61.77 मीटर का थ्रो उन्हें चौथे स्थान तक ही ले जा सका। वहीं, क्यूबा के गिलर्मो गोंजालेज ने 63.34 मीटर थ्रो कर कांस्य पदक पर कब्जा जमाया।
‘आज सब कुछ मेरे पक्ष में था’ – रिंकू
एफ-46 श्रेणी उन खिलाड़ियों के लिए होती है जिनकी भुजा में कमी है या मांसपेशियों की ताकत व गति सीमित है। जीत के बाद भावुक रिंकू ने कहा, ‘यह मेरी पहली प्रतियोगिता थी, जो भारत में हुई। माहौल शानदार था और आज सब कुछ मेरे पक्ष में रहा।’
रिंकू की कहानी संघर्ष और हौसले की मिसाल है। हरियाणा के रोहतक जिले के धामड़ गांव के किसान परिवार से आने वाले रिंकू की बाईं भुजा बचपन में खेत की मशीन से दुर्घटनावश क्षतिग्रस्त हो गई थी। इसके बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और खेलों में लगातार प्रगति की। 2018 एशियाई पैरा गेम्स में उन्होंने कांस्य, जबकि 2023 विश्व पैरा एथलेटिक्स और एशियाई पैरा गेम्स में रजत पदक जीतकर देश का मान बढ़ाया था।
भारत के पदक तालिका में दो स्वर्ण
इस चैंपियनशिप में भारत अब तक दो स्वर्ण, दो रजत और एक कांस्य पदक जीत चुका है। इन उपलब्धियों की बदौलत भारतीय टीम पदक तालिका में छठे स्थान पर पहुंच गई है। इस समय चीन शीर्ष पर बना हुआ है।
अन्य भारतीयों का प्रदर्शन
महिला डिस्कस थ्रो एफ-64 में दयावंती ने 27.94 मीटर का थ्रो कर एशियाई रिकॉर्ड बनाया, लेकिन चौथे स्थान पर रह गईं। पुरुष गोला फेंक एफ-55 वर्ग में आयुष वर्मा पांचवें स्थान पर रहे, जबकि एफ-40 वर्ग में अनुभवी रोंगली रवि भी पदक से चूक गए।
विश्व पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप में रिंकू हुड्डा की यह ऐतिहासिक जीत भारत के लिए गर्व का क्षण है। उनका संघर्ष और सफलता पैरा एथलीटों के लिए प्रेरणा का स्रोत है और यह साबित करती है कि हौसले और मेहनत से हर बाधा को पार किया जा सकता है।



