नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेट टीम (Indian Cricket Team) इन दिनों बदलाव के दौर से गुजर रही है। युवा खिलाड़ियों को मौका देने पर जोर दिया जा रहा है और टीम के नए हेड कोच गौतम गंभीर (Gautam Gambhir) भी इस दिशा में काफी सक्रिय नजर आ रहे हैं। हालांकि, इसी बीच एक नाम लगातार चर्चा में बना हुआ है- ऋतुराज गायकवाड़ (Ruturaj Gaikwad), जिन्हें अच्छे प्रदर्शन के बावजूद टीम में जगह नहीं मिल रही है।
बार-बार अनदेखी का शिकार हो रहे ऋतुराज
ऋतुराज गायकवाड़ (Ruturaj Gaikwad) ने भारत के लिए 2021 में डेब्यू किया था और टी-20 तथा वनडे दोनों फॉर्मेट में अपनी मौजूदगी दर्ज कराई। उन्होंने 23 टी-20 मुकाबलों में 633 रन बनाए, जिसमें 4 अर्धशतक और 1 शतक शामिल है। वहीं वनडे में उन्होंने 6 मुकाबलों में 115 रन बनाए। इसके बावजूद, 2023 के बाद से उन्हें दोबारा भारतीय टीम में मौका नहीं मिला है।
आईपीएल में कप्तान, घरेलू क्रिकेट में प्रदर्शन दमदार
गायकवाड़ आईपीएल 2025 में चेन्नई सुपर किंग्स (Chennai Super Kings) के कप्तान थे और उन्होंने जिम्मेदारी के साथ प्रदर्शन भी किया। घरेलू क्रिकेट में भी उनका रिकॉर्ड शानदार रहा है। फर्स्ट क्लास क्रिकेट में उन्होंने अब तक 2632 रन बनाए हैं, जिसमें 7 शतक और 14 अर्धशतक शामिल हैं।
चयन को लेकर उठे सवाल
सूत्रों के अनुसार, इंग्लैंड सीरीज से पहले गायकवाड़ को टीम में चुने जाने की संभावनाएं थीं, लेकिन आखिरी समय में उनका नाम स्क्वाड से बाहर कर दिया गया। इसके बाद सवाल उठने लगे हैं कि क्या टीम चयन में पारदर्शिता है? कई मीडिया रिपोर्ट्स का दावा है कि कोच गौतम गंभीर अपनी पसंद के खिलाड़ियों को तरजीह दे रहे हैं, जिससे अन्य योग्य खिलाड़ियों को नजरअंदाज किया जा रहा है।
आगे का रास्ता कठिन
भारत के आगामी दौरे में श्रीलंका के खिलाफ सीमित ओवरों की सीरीज हो सकती है, लेकिन इस दौरे के लिए भी गायकवाड़ के चयन की उम्मीदें कमजोर दिख रही हैं। अगर ऐसा ही सिलसिला जारी रहा तो टीम से लंबे समय तक बाहर रहना उनके अंतरराष्ट्रीय करियर पर असर डाल सकता है।
ऋतुराज गायकवाड़ जैसे खिलाड़ी, जिन्होंने घरेलू और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर निरंतर अच्छा प्रदर्शन किया है, उन्हें लगातार नजरअंदाज किया जाना कई सवाल खड़े करता है। टीम प्रबंधन और चयन समिति को यह सुनिश्चित करना होगा कि प्रतिभा के साथ न्याय हो और चयन में पारदर्शिता बनी रहे।



