नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेट टीम के टी20 भविष्य को लेकर एक नई बहस छिड़ गई है। मौजूदा कप्तान सूर्यकुमार यादव, जिन्होंने हाल ही में भारत को टी20 विश्व कप 2026 का खिताब जिताया था, अब अपनी कप्तानी और जगह को लेकर दबाव में नजर आ रहे हैं।
इस दबाव की सबसे बड़ी वजह आईपीएल 2026 में श्रेयस अय्यर का शानदार फॉर्म और उनकी आक्रामक कप्तानी है। पंजाब किंग्स की कप्तानी कर रहे अय्यर न केवल बल्ले से रन उगल रहे हैं, बल्कि उनकी टीम लीग की एकमात्र अजेय टीम बनी हुई है।
श्रेयस अय्यर का शानदार प्रदर्शन
आईपीएल 2026 के शुरुआती चरण में श्रेयस अय्यर का जलवा सिर चढ़कर बोल रहा है। 4 पारियों में उन्होंने 203 रन बनाए हैं, जिसमें उनका औसत 67 और स्ट्राइक रेट 188 का रहा है।
अय्यर की कप्तानी का इतिहास भी काफी प्रभावशाली है। उन्होंने दिल्ली कैपिटल्स को फाइनल तक पहुंचाया, केकेआर को 2024 में चैंपियन बनाया और 2025 में पंजाब किंग्स को फाइनल में ले गए। अब उनकी निरंतरता को देखते हुए चयनकर्ता उन्हें टी20 टीम के नेतृत्व के लिए एक गंभीर विकल्प के रूप में देख रहे हैं।
सूर्यकुमार यादव के लिए खतरे की घंटी?
दूसरी ओर, सूर्यकुमार यादव (35 वर्ष) के लिए समय कठिन चल रहा है। विश्व कप जीत के बाद से उनके बल्ले से उस निरंतरता के साथ रन नहीं निकल रहे हैं जिसके लिए वे जाने जाते हैं। आईपीएल 2026 में भी उनका फॉर्म चिंता का विषय बना हुआ है और वे अपनी टीम की कप्तानी भी नहीं कर रहे हैं। बढ़ती उम्र और गिरते फॉर्म के बीच चयनकर्ताओं की नजर अब भविष्य के कप्तान की ओर मुड़ सकती है।
बीसीसीआई का क्या है रुख?
बीसीसीआई सूत्रों के अनुसार, श्रेयस अय्यर ने अपना आखिरी टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच 2023 में खेला था और फिलहाल वे इस फॉर्मेट की राष्ट्रीय टीम से बाहर हैं। उन्हें सीधे वापस लाकर कप्तानी सौंपना एक बड़ा फैसला होगा। हालांकि, 2027 वनडे विश्व कप पर बढ़ते ध्यान के कारण चयनकर्ताओं को टी20 में बदलाव की योजना बनाने के लिए थोड़ा समय मिल गया है। लेकिन अगर अय्यर का यही फॉर्म जारी रहता है, तो टी20 में सूर्य की ‘बादशाहत’ पर अय्यर का कब्जा होना तय माना जा रहा है।



