नई दिल्ली: क्रिकेट में कहते हैं ‘फॉर्म आती-जाती है, लेकिन क्लास हमेशा कायम रहती है। भारतीय क्रिकेट के दो दिग्गज बल्लेबाज, रोहित शर्मा और विराट कोहली ने इस कहावत को एक बार फिर सही साबित कर दिया। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सिडनी में खेले गए तीसरे वनडे में दोनों खिलाड़ियों ने शानदार पारियां खेलकर टीम इंडिया को 9 विकेट से बड़ी जीत दिलाई
Ro-Ko की शानदार वापसी
कई लोगों ने कहा था कि अब शायद रोहित और कोहली का दौर खत्म हो चुका है, लेकिन इन दोनों दिग्गजों ने मैदान पर अपने प्रदर्शन से सभी आलोचकों को चुप करा दिया। कप्तान शुभमन गिल के साथ रोहित शर्मा ने तेज शुरुआत दी और फिर विराट कोहली के साथ मिलकर नाबाद साझेदारी कर भारत को जीत तक पहुंचाया।
रोहित शर्मा की धमाकेदार शतकीय पारी
रोहित शर्मा ने सिडनी के मैदान पर अपनी क्लासिक बल्लेबाजी का नमूना पेश करते हुए 121 रनों की शानदार पारी खेली। रोहित 3 मैचों में 202 रन बनाकर इस सीरीज़ में सर्वाधिक रन बनाने वाले बल्लेबाज़ भी बने।
विराट कोहली की शांत लेकिन क्लासिक पारी
विराट कोहली ने 74 रनों की नाबाद पारी खेली और अपने ‘चेज मास्टर’ टाइटल को फिर मजबूत किया। कोहली ने इस पारी के दौरान 7 चौके लगाए और 75वीं अर्धशतक लगाते हुए एक और बड़ा रिकॉर्ड अपने नाम किया। इस मैच के बाद वह रन चेज में सबसे ज्यादा 50+ स्कोर वाले खिलाड़ी बन गए हैं। इसी के साथ उन्होंने कुमार संगकारा को पीछे छोड़ते हुए वनडे क्रिकेट में दूसरे सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज (14,251 रन) बनने का गौरव भी हासिल किया।
रिकॉर्ड्स की बरसात
सिडनी में यह मुकाबला रोहित-कोहली की जोड़ी के लिए ऐतिहासिक रहा। दोनों ने 168 रनों की अटूट साझेदारी कर डाली, जो वनडे में उनकी 12वीं 150+ रन की पार्टनरशिप थी। इससे यह जोड़ी अब सचिन तेंदुलकर और सौरव गांगुली के बाद वनडे इतिहास की दूसरी सबसे सफल जोड़ी बन गई है।
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आलोचकों को दिया बल्ले से जवाब
इस सीरीज से पहले दोनों खिलाड़ियों की फॉर्म को लेकर सवाल उठ रहे थे। पर्थ और एडिलेड में लगातार असफल होने के बाद कई आलोचकों ने कहा कि शायद अब समय आ गया है कि युवा खिलाड़ियों को मौका दिया जाए। लेकिन सिडनी में दोनों ने न सिर्फ बल्ले से करारा जवाब दिया, बल्कि अपने शांत आत्मविश्वास का अंदाज भी दिखाया।
शुभमन गिल के लिए यादगार शुरुआत
यह जीत शुभमन गिल के लिए भी खास रही क्योंकि बतौर वनडे कप्तान यह उनकी पहली जीत थी। भले ही सीरीज 2-1 से ऑस्ट्रेलिया के नाम रही, लेकिन आखिरी मैच में टीम इंडिया ने अपने दमदार प्रदर्शन से यह दिखा दिया कि आने वाले समय में भी अनुभव और जोश का यह मेल भारत की सबसे बड़ी ताकत रहेगा।



