नई दिल्ली: टीम इंडिया (Team India) के मुख्य कोच के रूप में गौतम गंभीर (Gautam Gambhir) का टेस्ट सफर फिलहाल निराशाजनक दिख रहा है। बतौर कोच उन्होंने भले ही भारत को चैंपियंस ट्रॉफी (Champions Trophy) जिताई हो, लेकिन टेस्ट क्रिकेट में उनका रिकॉर्ड कमजोर रहा है। अब इंग्लैंड (Ind vs Eng) के खिलाफ सीरीज की शुरुआत भी हार के साथ होने के बाद गंभीर की भूमिका पर सवाल उठने लगे हैं।
गंभीर की कोचिंग में भारत को अब तक टेस्ट में केवल बांग्लादेश के खिलाफ जीत मिली है, जबकि न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टीम को करारी हार का सामना करना पड़ा। इंग्लैंड के खिलाफ पहले टेस्ट में भारत की हार के बाद अब बीसीसीआई फिर से कोचिंग ढांचे में बदलाव पर विचार कर सकता है।
स्प्लिट कोचिंग मॉडल पर फिर से मंथन संभव
सूत्रों के अनुसार, गंभीर की नियुक्ति के बाद बीसीसीआई ने स्प्लिट कोचिंग (यानी अलग-अलग फॉर्मेट के लिए अलग कोच) पर चर्चा की थी, लेकिन चैंपियंस ट्रॉफी जीतने के बाद यह चर्चा थम गई। हालांकि, इंग्लैंड के खिलाफ हार के बाद एक बार फिर यह मॉडल चर्चा में आ गया है। अगर सीरीज के आगामी मैचों में भारत का प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा तो टेस्ट कोच की भूमिका में बदलाव हो सकता है।
VVS लक्ष्मण बन सकते हैं टेस्ट टीम के नए कोच
ऐसे में अगर टेस्ट कोचिंग से गंभीर की विदाई होती है, तो सबसे बड़ा नाम वीवीएस लक्ष्मण का है। लक्ष्मण पहले भी भारत के अंतरिम कोच रह चुके हैं और खिलाड़ियों के साथ उनका तालमेल अच्छा माना जाता है। राहुल द्रविड़ के कार्यकाल में भी वह कई बार कोचिंग की जिम्मेदारी निभा चुके हैं। ऐसे में उन्हें यह जिम्मेदारी सौंपना बीसीसीआई के लिए एक सुरक्षित विकल्प हो सकता है।
गंभीर का टेस्ट रिकॉर्ड बताता है चिंता की वजह
गंभीर की कोचिंग में अब तक भारत ने 11 टेस्ट खेले हैं, जिनमें सिर्फ 3 में जीत मिली है, जबकि 7 में हार और 1 ड्रॉ रहा है। यानी जीत का प्रतिशत महज 27.27% है। यह आंकड़ा भारत जैसी टेस्ट टीम के लिए निश्चित तौर पर चिंता का विषय है।
टीम इंडिया की संभावित प्लेइंग इलेवन (दूसरा टेस्ट – एजबेस्टन)
केएल राहुल, यशस्वी जायसवाल, साई सुदर्शन, शुभमन गिल (कप्तान), ऋषभ पंत (विकेटकीपर), रवींद्र जडेजा, करुण नायर, कुलदीप यादव, मोहम्मद सिराज, प्रसिद्ध कृष्णा, अर्शदीप सिंह।
अब सबकी निगाहें 2 जुलाई से बर्मिंघम में शुरू होने वाले दूसरे टेस्ट पर होंगी, जहां भारत को न सिर्फ जीत की जरूरत है बल्कि गंभीर को भी अपनी कोचिंग साबित करनी होगी।



