नई दिल्ली: भारतीय मुक्केबाजी महासंघ (BFI) युवा खिलाड़ियों को बड़ा मंच देने और उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के उद्देश्य से पहली बार बीएफआई कप (BFI Cup) का आयोजन करने जा रहा है। यह प्रतियोगिता एक से सात अक्टूबर तक चेन्नई (Chennai Tournament) में होगी।
पुरुष और महिला दोनों वर्गों में मुकाबले
बीएफआई कप पुरुषों और महिलाओं (Men and Women Categories) के लिए 10-10 वर्गों में खेला जाएगा। खास बात यह है कि स्वर्ण और रजत पदक विजेताओं को सीधे एलीट राष्ट्रीय शिविर में प्रवेश मिलेगा। यह अवसर उन मुक्केबाजों के लिए बेहद खास होगा जो भविष्य में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का प्रतिनिधित्व करने का सपना देख रहे हैं।
बीएफआई अध्यक्ष अजय सिंह का बयान
BFI अध्यक्ष अजय सिंह (Ajay Singh) ने कहा,“भारतीय मुक्केबाजी लगातार आगे बढ़ रही है और बीएफआई एथलीट-केंद्रित दृष्टिकोण के लिए प्रतिबद्ध है। इसका असर हमारे प्रदर्शन में भी दिख रहा है। बीएफआई कप उसी दिशा में एक और बड़ा कदम है, क्योंकि यह कई युवा मुक्केबाजों को अपनी पहचान बनाने और राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने का मौका देगा।”
उनके मुताबिक, यह प्रतियोगिता न सिर्फ खिलाड़ियों को अनुभव दिलाएगी बल्कि चयन प्रक्रिया को और पारदर्शी बनाएगी।
चयन प्रक्रिया और भागीदारी
बीएफआई कप में भाग लेने का मौका केवल चुनिंदा मुक्केबाजों को मिलेगा। नियमों के अनुसार—
- आठवीं एलीट राष्ट्रीय प्रतियोगिता में शीर्ष आठ में जगह बनाने वाली राज्य इकाइयां या बोर्ड अपने खिलाड़ी भेज सकेंगे।
- रोहतक स्थित भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) का राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्र (NCOE) भी प्रत्येक वर्ग में एक मुक्केबाज उतार सकेगा।
- मेजबान तमिलनाडु को भी प्रत्येक वर्ग में एक-एक खिलाड़ी भेजने का विशेष अधिकार होगा।
इस तरह प्रतियोगिता में केवल चुनिंदा और सर्वश्रेष्ठ युवा प्रतिभाएं ही हिस्सा लेंगी।
भारतीय मुक्केबाजी के लिए मायने
विशेषज्ञों का मानना है कि यह कप भविष्य में भारतीय मुक्केबाजों की नई पीढ़ी तैयार करने में अहम भूमिका निभाएगा। अभी तक राष्ट्रीय शिविरों में सीधी जगह बनाने का मौका सीमित था, लेकिन अब इस प्रतियोगिता से ज्यादा खिलाड़ियों को राष्ट्रीय स्तर पर खुद को साबित करने का अवसर मिलेगा।
युवा मुक्केबाजों के लिए यह मंच करियर बदलने वाला साबित हो सकता है, क्योंकि यहां अच्छा प्रदर्शन करने पर राष्ट्रीय शिविर का दरवाजा खुल जाएगा और आगे एशियाई खेलों, विश्व चैंपियनशिप और ओलंपिक जैसे बड़े टूर्नामेंट तक जाने का मार्ग प्रशस्त होगा।
चेन्नई में होने वाला पहला बीएफआई कप भारतीय मुक्केबाजी के इतिहास में एक मील का पत्थर साबित हो सकता है। यह न सिर्फ प्रतिभावान खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करेगा बल्कि देश की मुक्केबाजी संरचना को भी मजबूत बनाएगा। बीएफआई की यह पहल आने वाले समय में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की स्थिति और सुदृढ़ कर सकती है।



