नई दिल्ली: दिल्ली गोल्फ क्लब (Delhi Golf Club) गुरुवार से दुनिया के बेहतरीन गोल्फ खिलाड़ियों की मेजबानी करने जा रहा है। डीपी वर्ल्ड इंडिया चैंपियनशिप (DP World India Championship) में पांच बार के मेजर विजेता रोरी मैक्लराय (Rory McIlroy) पहली बार भारत में खेलते नजर आएंगे। चार मिलियन डॉलर (करीब 35 करोड़ रुपये) की इनामी राशि वाली यह चैंपियनशिप न केवल भारत के लिए गर्व का अवसर है, बल्कि भारतीय खिलाड़ियों के लिए खुद को साबित करने का बड़ा मौका भी है।
भारतीय उम्मीदें: शुभंकर शर्मा और अनिर्बान लाहिड़ी
भारत की ओर से शुभंकर शर्मा (Shubhankar Sharma) और अनिर्बान लाहिड़ी (Anirban Lahiri) इस प्रतियोगिता में प्रमुख दावेदार होंगे। 2015 में इसी कोर्स पर इंडियन ओपन जीतकर इतिहास रचने वाले लाहिड़ी ने कहा, “यहां लौटना हमेशा खास होता है, कोर्स भले बदला हो, लेकिन इसकी भावना वही है।” युवा खिलाड़ियों में वीर अहलावत, युवराज संधू और अर्जुन प्रसाद पर भी नजरें होंगी। अहलावत, जिन्होंने पिछले साल पीजीटीआई ऑर्डर ऑफ मेरिट जीतकर डीपी वर्ल्ड टूर कार्ड हासिल किया था, ने कहा कि डीजीसी का लेआउट भारतीय खिलाड़ियों के लिए फायदेमंद रहेगा, क्योंकि वे बचपन से यहां खेलते आए हैं।
अंतरराष्ट्रीय दिग्गजों का जमावड़ा
मैक्लराय के अलावा टूर्नामेंट में शेन लावरी, ब्रायन हारमन, टॉमी फ्लीटवुड, विक्टर होवलैंड, बेन ग्रिफिन और दो बार के रायडर कप कप्तान ल्यूक डोनाल्ड जैसे खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं। फ्लीटवुड 2016 के बाद पहली बार भारत लौटे हैं। उन्होंने कहा, “नौ साल बाद भारत आना शानदार है। यह साल मेरे लिए खास रहा है, पीजीए टूर जीत और रायडर कप की सफलता के साथ।”
मैक्लराय का नया सफर और भारत से जुड़ाव
36 वर्षीय मैक्लराय ने हाल ही में मास्टर्स जीतकर अपना करियर ग्रैंडस्लैम पूरा किया है। भारत आने को लेकर उन्होंने कहा, “मैं हमेशा से भारत आना चाहता था। 18 साल के करियर के बाद नई जगह पर खेलना मेरे लिए उत्साहजनक है।” फिलहाल वे रेस टू दुबई रैंकिंग में शीर्ष पर हैं और पहले दो राउंड में विक्टर होवलैंड और बेन ग्रिफिन के साथ टी-ऑफ करेंगे।
भारतीय गोल्फ का स्वर्ण अवसर
कुल 26 भारतीय खिलाड़ी इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट में हिस्सा ले रहे हैं। घरेलू दर्शकों के लिए यह मौका है कि वे अपने खिलाड़ियों को दुनिया के सर्वश्रेष्ठ दिग्गजों के साथ खेलते देखें। यह प्रतियोगिता न केवल भारत की मेजबानी क्षमता को दिखाती है, बल्कि देश के उभरते गोल्फरों को अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी प्रतिभा साबित करने का अवसर भी देती है।
डीपी वर्ल्ड इंडिया चैंपियनशिप न केवल खेल का उत्सव है बल्कि भारत में गोल्फ के बढ़ते प्रभाव का प्रमाण भी है। दुनिया के शीर्ष खिलाड़ियों के बीच भारतीय गोल्फरों का प्रदर्शन आने वाले वर्षों में देश के इस खेल के भविष्य को नई दिशा दे सकता है।



