नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेट टीम (Indian Cricket Team) में ऑलराउंडर की भूमिका हमेशा अहम रही है, और जब इस जिम्मेदारी की बात होती है, तो लंबे समय तक हार्दिक पांड्या (Hardik Pandya) का नाम सबसे ऊपर रहा है। उन्होंने सीमित ओवरों के क्रिकेट में अपने हरफनमौला प्रदर्शन से भारत को कई यादगार जीत दिलाई हैं। लेकिन अब जब वह फिटनेस समस्याओं के चलते टेस्ट क्रिकेट से दूर हैं, ऐसे में कोच गौतम गंभीर (Gautam Gambhir) को टेस्ट टीम के लिए उनका संभावित उत्तराधिकारी मिल गया है — वॉशिंगटन सुंदर (Washington Sundar)।
सुंदर की टेस्ट में शानदार एंट्री
25 वर्षीय वॉशिंगटन सुंदर (Washington Sundar) ने अपने छोटे से टेस्ट करियर में ही प्रभावशाली प्रदर्शन किया है। अब तक 12 मैचों में उन्होंने 32 विकेट चटकाए हैं और बल्ले से भी 673 रन बनाए हैं। उनके खाते में एक शतक और चार अर्धशतक शामिल हैं, जो यह दर्शाते हैं कि वह बल्ले और गेंद दोनों से टीम को स्थिरता दे सकते हैं।
गंभीर ने उन्हें हार्दिक (Hardik Pandya) का परफेक्ट रिप्लेसमेंट बताया है, खासकर उस स्थिति में जब टेस्ट टीम को एक ऐसे खिलाड़ी की जरूरत थी जो दोहरी भूमिका निभा सके।
हार्दिक की सीमित टेस्ट उपस्थिति
हार्दिक पंड्या (Hardik Pandya) ने 2016 में इंटरनेशनल डेब्यू किया था और वह सीमित ओवरों में टीम के स्तंभ बन गए। लेकिन 2018 के बाद से उन्होंने टेस्ट क्रिकेट से दूरी बना ली। लगातार चोटों और फिटनेस की दिक्कतों के चलते उनकी टेस्ट में वापसी की संभावना कम दिख रही है।
इसी कमी को पूरा करते हुए टीम मैनेजमेंट ने सुंदर पर भरोसा जताया है। इंग्लैंड के खिलाफ हालिया टेस्ट सीरीज में उनके प्रदर्शन ने इस भरोसे को और भी मजबूत किया है।
क्यों सुंदर हैं खास?
27.87 की औसत से विकेट लेना और 3.35 की इकॉनमी से रन रोकना उनके कंट्रोल और विविधता का संकेत देता है। बल्लेबाजी में योगदान: संकट के समय उपयोगी रन बनाकर उन्होंने खुद को एक जिम्मेदार बल्लेबाज के रूप में स्थापित किया है। मैदान पर संयम और धैर्य: उनका शांत स्वभाव और रणनीतिक खेल उन्हें टीम के लिए उपयोगी बनाता है।
भारतीय क्रिकेट में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है, और वॉशिंगटन सुंदर (Washington Sundar) इसका बेहतरीन उदाहरण हैं। अगर वह इसी तरह फिटनेस बनाए रखते हुए लगातार अच्छा प्रदर्शन करते रहे, तो आने वाले वर्षों में वह भारत के ऑलराउंडर स्लॉट को मजबूती से संभाल सकते हैं।



