नई दिल्ली:अगले साल होने वाले फीफा वर्ल्ड कप 2026 (FIFA World Cup 2026) की तैयारियां जोरों पर हैं। दुनिया के सबसे बड़े फुटबॉल टूर्नामेंट के लिए टिकटों की बिक्री शुरू होते ही फैंस में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। फीफा की ओर से जारी ताजा जानकारी के अनुसार, अब तक 10 लाख से ज्यादा टिकट बिक चुके हैं। खास बात यह है कि यह बिक्री 212 देशों में हुई है, जबकि अभी तक 48 में से सिर्फ 28 टीमों की ही पुष्टि हुई है।
फीफा विश्व कप 2026 की मेजबानी उत्तर अमेरिका के तीन देश—अमेरिका, कनाडा और मैक्सिको—मिलकर करेंगे। यह पहली बार होगा जब तीन देशों में एक साथ वर्ल्ड कप का आयोजन होगा। टूर्नामेंट 11 जून से 19 जुलाई 2026 तक चलेगा और इसमें 104 मुकाबले खेले जाएंगे।
फैंस में उत्साह, टिकटों की मांग सबसे ज्यादा अमेरिका में
जैसा अनुमान लगाया गया था, टिकट खरीदने वालों में अमेरिका, कनाडा और मैक्सिको के प्रशंसक सबसे आगे हैं। ये तीनों देश टिकट बिक्री के शीर्ष 10 देशों में शामिल हैं। इनके अलावा इंग्लैंड, जर्मनी, ब्राजील, स्पेन, कोलंबिया, अर्जेंटीना और फ्रांस के फैंस ने भी बड़ी संख्या में टिकट खरीदे हैं।
फीफा अध्यक्ष जियानी इन्फेंटिनो (Gianni Infantino) ने इस मौके पर कहा, “यह देखकर शानदार लगता है कि जैसे-जैसे टीमें विश्व कप में जगह बनाने के लिए संघर्ष कर रही हैं, वैसे-वैसे दुनिया भर के फुटबॉल प्रेमी इस ऐतिहासिक आयोजन का हिस्सा बनने को उतावले हैं। यह अब तक की सबसे बड़ी प्रतिक्रिया है और इस बात का संकेत है कि आने वाला वर्ल्ड कप फुटबॉल इतिहास का सबसे भव्य आयोजन होगा।”
रिसेल साइट भी खुली, कीमतें पहुंचीं आसमान पर
फीफा ने यह भी बताया कि अब टिकटों की रिसेल साइट भी शुरू हो गई है, जहां फैंस अपने टिकट खरीद या बेच सकते हैं। बताया गया है कि फाइनल मैच के टिकटों की कीमत $9,538 से लेकर $57,500 प्रति सीट तक जा पहुंची है। हालांकि फीफा ने यह नहीं बताया कि किन मैचों के कितने टिकट बिके हैं या कितनी सीटें अब भी उपलब्ध हैं।
इसी बीच एक नई बहस तब शुरू हो गई जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने कहा कि वे उन स्टेडियमों की सुरक्षा का पुनर्मूल्यांकन करेंगे जहां मैच आयोजित किए जाने हैं। इसमें बोस्टन उपनगर जैसे कुछ स्थान भी शामिल हैं, जिन्हें अमेरिकी प्रशासन ने “सुरक्षा दृष्टि से संवेदनशील” बताया है।
इमिग्रेशन नीति और टिकट खरीद को लेकर फैंस की चिंता
टिकट बिक्री की शुरुआत के साथ ही कई फैंस के मन में सवाल भी उठ रहे हैं। अमेरिका की बदली हुई इमिग्रेशन नीति ने कई देशों के प्रशंसकों के लिए वीज़ा प्रक्रिया को मुश्किल बना दिया है। यह चिंता तब और बढ़ गई जब अर्जेंटीना और प्यूर्टो रिको के बीच होने वाला एक अंतरराष्ट्रीय दोस्ताना मैच शिकागो से हटाकर फोर्ट लॉडरडेल, फ्लोरिडा में स्थानांतरित करना पड़ा। कारण बताया गया कि टिकट बिक्री उम्मीद से काफी धीमी थी और कई विदेशी फैंस वीजा नहीं पा सके।
ऐसे में विशेषज्ञों का कहना है कि अगर वीज़ा नियमों में ढील नहीं दी गई तो फीफा विश्व कप 2026 में विदेशी प्रशंसकों की भागीदारी प्रभावित हो सकती है। हालांकि, फीफा को उम्मीद है कि आने वाले महीनों में यह उत्साह और बढ़ेगा और आयोजन अब तक का सबसे ऐतिहासिक साबित होगा।



