बेंगलुरु का एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम अब केवल क्रिकेट के रोमांच का ही नहीं, बल्कि उन 11 मासूम जिंदगियों की याद का भी गवाह बनेगा, जिन्होंने पिछले साल एक दुखद हादसे में अपनी जान गंवाई थी। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) और कर्नाटक स्टेट क्रिकेट एसोसिएशन ने मिलकर एक ऐसी पहल की है, जो खेल जगत में संवेदनशीलता की एक नई मिसाल पेश करेगी।
खाली रहेंगी 11 सीटें, यादगार बनेगा स्टेडियम
पिछले साल 4 जून 2025 को जब आरसीबी ने पहली बार आईपीएल ट्रॉफी जीतकर इतिहास रचा था, तब उस जीत का जश्न मातम में बदल गया था। स्टेडियम के बाहर मची भगदड़ में 11 लोगों की मौत हो गई थी। उन प्रशंसकों को सम्मान देने के लिए अब स्टेडियम की 11 सीटें हमेशा के लिए आरक्षित (खाली) रखी जाएंगी। ये सीटें किसी भी अंतरराष्ट्रीय या आईपीएल मैच के दौरान बेची नहीं जाएंगी। इसके साथ ही, हर मैच की शुरुआत से पहले दोनों टीमों के खिलाड़ी एक मिनट का मौन रखेंगे और मृतकों के नाम स्क्रीन पर प्रदर्शित किए जाएंगे।
वैश्विक मानकों पर आधारित स्मारक
केएससीए के अध्यक्ष और पूर्व दिग्गज गेंदबाज वेंकटेश प्रसाद ने पुष्टि की है कि स्टेडियम के प्रवेश द्वार पर एक स्मारक पट्टिका लगाई जाएगी। इसे इंग्लैंड के प्रसिद्ध ‘हिल्सबरो मेमोरियल’ की तर्ज पर तैयार किया जा रहा है, जो 1989 के हिल्सबरो हादसे में मारे गए फुटबॉल प्रशंसकों की याद में बनाया गया था। प्रसाद ने भावुक होते हुए कहा कि यह पहल पुराने जख्मों को कुरेदने के लिए नहीं, बल्कि उन प्रशंसकों की स्मृति को चिरस्थायी बनाने के लिए है जो हमारे क्रिकेट परिवार का हिस्सा थे।
पाबंदी के बाद क्रिकेट की वापसी
हादसे के बाद जस्टिस जॉन माइकल डी कुन्हा कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर स्टेडियम को ‘असुरक्षित’ घोषित कर दिया गया था, जिसके कारण 2025 का महिला वर्ल्ड कप और महाराजा टी-20 ट्रॉफी जैसे बड़े आयोजन यहां से हटा दिए गए थे। सुरक्षा मानकों में सुधार और व्यापक समीक्षा के बाद, कर्नाटक सरकार ने आखिरकार अब यहाँ दोबारा मैचों के आयोजन की हरी झंडी दे दी है।
आईपीएल 2026 का आगाज और नई सुरक्षा व्यवस्था
स्टेडियम की बहाली के साथ ही आईपीएल 2026 के रोमांच की तैयारी शुरू हो गई है। आगामी 28 मार्च को मेजबान आरसीबी और सनराइजर्स हैदराबाद के बीच ओपनिंग मैच खेला जाएगा। बीसीसीआई ने स्पष्ट किया है कि मैचों का आयोजन कड़ी सुरक्षा निगरानी में होगा।
यह मैच न केवल क्रिकेट की वापसी का प्रतीक होगा, बल्कि उन 11 प्रशंसकों को समर्पित होगा जिनकी याद में अब चिन्नास्वामी स्टेडियम का एक हिस्सा हमेशा मौन और गौरवान्वित रहेगा।



