नई दिल्ली: भारत की स्टार शटलर और दो बार की ओलंपिक पदक विजेता पीवी सिंधु (PV Sindhu) ने चीन मास्टर्स सुपर 750 टूर्नामेंट (China Masters Super 750) में विजयी आगाज किया। उन्होंने पहले दौर में डेनमार्क की जूली डावाल जैकबसन (Julie Dawall Jakobsen) को सिर्फ 27 मिनट में 21-4, 21-10 से हराकर महिला एकल प्री-क्वार्टर फाइनल में प्रवेश किया। सिंधू की यह जीत खास इसलिए भी रही क्योंकि हांगकांग ओपन सुपर 500 में उन्हें शुरुआती दौर में हार का सामना करना पड़ा था।
तेज खेल से जैकबसन को दी मात
मैच की शुरुआत से हीसिंधु आत्मविश्वास से भरी नजर आईं। पहले गेम में उन्होंने 10 मिनट के भीतर बड़ी बढ़त बनाते हुए जैकबसन को कोई मौका नहीं दिया। दूसरे गेम में डेनमार्क की खिलाड़ी ने शुरुआती समय पर वापसी की कोशिश की और स्कोर 4-4 कर लिया, लेकिन सिंधू ने लगातार छह अंक लेकर खेल पर फिर से पकड़ बना ली। इसके बाद उन्होंने आसानी से जीत दर्ज की। यह मुकाबलासिंधु और जैकबसन के बीच तीसरी भिड़ंत थी, जिसमें भारतीय खिलाड़ी ने लगातार जीत हासिल की है।
आयुष शेट्टी का जुझारू प्रदर्शन
दूसरी ओर युवा आयुष शेट्टी (Ayush Shetty) ने पुरुष एकल में जबरदस्त जज्बा दिखाया। उन्होंने चीनी ताइपे के छठी वरीय खिलाड़ी और विश्व नंबर 5 चाउ टिएन चेन (Chou Tien Chen) को कड़ी टक्कर दी। मैच तीन गेम तक चला जिसमें शेट्टी ने पहला गेम 19-21 से गंवाया, लेकिन दूसरे गेम में 21-12 से शानदार वापसी की। निर्णायक गेम में स्कोर 13-13 पर बराबरी तक पहुंचा, लेकिन चेन ने अनुभव का फायदा उठाते हुए 21-16 से गेम और मैच अपने नाम कर लिया। यह शेट्टी की चेन के खिलाफ लगातार तीसरी हार है।
रैंकिंग में मिला इनाम
भले ही शेट्टी टूर्नामेंट से बाहर हो गए हों, लेकिन उन्हें करियर की सर्वश्रेष्ठ रैंकिंग हासिल हुई। बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड रैंकिंग में वे अब 27वें स्थान पर पहुंच गए हैं। 20 वर्षीय शेट्टी ने हाल ही में हांगकांग ओपन के क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई थी और जापान के शीर्ष खिलाड़ी कोडाई नेराओका को हराकर सबका ध्यान खींचा था।
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मिश्रित युगल जोड़ी का सफर खत्म
भारत की रुतविका गाडे और रोहन कपूर की मिश्रित युगल जोड़ी का सफर भी पहले दौर में समाप्त हो गया। उन्हें जापान की युइची शिमोगामी और सयाका होबारा की जोड़ी ने सीधे गेम में 21-17, 21-11 से शिकस्त दी।
जहां एक ओर सिंधु का शानदार प्रदर्शन भारत के लिए बड़ी उम्मीदें जगाता है, वहीं युवा खिलाड़ियों का संघर्ष भविष्य की मजबूत नींव का संकेत देता है। अब सबकी निगाहेंसिंधु के अगले मुकाबले पर होंगी, जहां वे एक बार फिर से पदक की दावेदारी मजबूत करने की कोशिश करेंगी।



