नई दिल्ली: चाइना मास्टर्स (China Masters 2025) सुपर 750 बैडमिंटन टूर्नामेंट के फाइनल में भारतीय पुरुष युगल सात्विकसाईराज रेंकीरेड्डी (Satwik Rankireddy) और चिराग शेट्टी (Chirag Shetty) का सपना अधूरा रह गया। विश्व की नंबर एक कोरियाई जोड़ी किम योन हो और सियो सिओंग जाए के सामने भारतीय जोड़ी (Indian Team) को 45 मिनट तक चले रोमांचक मुकाबले में 19-21, 15-21 से हार का सामना करना पड़ा। एशिया खेलों की चैंपियन भारतीय जोड़ी को उम्मीद थी कि वे लंबे समय से खिताबी सूखे को खत्म करेंगे, लेकिन यह ख्वाब फाइनल में पूरी तरह साकार नहीं हो सका।
शुरुआती बढ़त और हार का मलाल
सात्विक-चिराग की जोड़ी ने पहले गेम में 14-7 की मजबूत बढ़त बनाई थी। उन्होंने लगातार दमदार स्मैश और नेट पर सटीक शॉट से कोरियाई टीम को पीछे धकेल दिया, लेकिन इस बढ़त को वह कायम नहीं रख पाए। विश्व चैंपियनशिप (World Championship) में कांस्य पदक और हांगकांग ओपन में उपविजेता रहने के बाद भारतीय जोड़ी ने पूरे हफ्ते शानदार खेल दिखाया, लेकिन पहले गेम में मिली हार उनके लिए चिंता का विषय रही।
कोरियाई टीम की रणनीति और अनुभव
किम (Kim Yon Ho) और सियो (Seo Seung Jae) की जोड़ी इस सत्र में कुछ बदलावों और प्रयोगों के बाद फिर से साथ खेल रही थी। यह जोड़ी 2025 में अपने नौवें फाइनल में उतरी थी और पहले ही छह खिताब जीत चुकी थी, जिनमें पेरिस विश्व चैंपियनशिप का स्वर्ण और ऑल इंग्लैंड तथा इंडोनेशिया ओपन सुपर 1000 का खिताब शामिल हैं। इस मुकाबले को दुनिया के सर्वश्रेष्ठ आक्रमण और सर्वश्रेष्ठ डिफेंस की टक्कर माना जा रहा था, और कोरियाई जोड़ी ने अपनी तकनीकी कुशलता और धैर्य का फायदा उठाते हुए जीत दर्ज की।
भारतीय जोड़ी को गलतियों का खामियाजा
पहले गेम में कोरियाई टीम ने 3-0 की शुरुआत की, लेकिन सात्विक-चिराग ने लगातार स्मैश से वापसी की और स्कोर 6-6 कर दिया। चिराग के नेट शॉट ने उन्हें 11-7 की बढ़त दिलाई, जो जल्दी ही 14-8 तक पहुंच गई। लेकिन कुछ छोटी-छोटी गलतियों के कारण पहला गेम कोरियाई टीम के नाम हो गया।
दूसरे गेम में भी भारतीय जोड़ी ने अच्छी शुरुआत की और 3-2 तथा 8-6 की बढ़त बनाई। हालांकि 9-9 के स्कोर पर कोरियाई टीम ने बराबरी कर ली और ब्रेक तक एक अंक की बढ़त बनाई। चिराग के दो शॉट आउट होने से कोरियाई टीम ने पांच मैच प्वाइंट हासिल किए। अंत में सात्विक का शॉट आउट होना भारत के खिताबी सपने को अधूरा छोड़ गया।
नतीजा और भविष्य की उम्मीद
इस हार के बावजूद सात्विक-चिराग की जोड़ी ने इस सीजन लगातार दूसरे फाइनल में जगह बनाई, जो उनके निरंतर प्रदर्शन का संकेत है। उनकी तकनीक, समझदारी और आक्रमण क्षमता में अभी और सुधार की गुंजाइश है। इस हार से निश्चित रूप से भारतीय जोड़ी सीख लेकर आगे आने वाले टूर्नामेंट्स में और बेहतर प्रदर्शन करेगी।
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सात्विक-चिराग की जोड़ी के लिए यह हार निराशाजनक जरूर है, लेकिन उनके खेल और मेहनत ने यह साबित कर दिया कि वे विश्व स्तरीय खिलाड़ी हैं और भविष्य में खिताबी ख्वाब साकार करने की पूरी क्षमता रखते हैं।



