नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेट टीम (Indian Cricket Team) के अनुभवी तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी (Mohammed Shami) अब टेस्ट क्रिकेट में वापसी की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रहे हैं। लंबे समय तक चोट के कारण मैदान से दूर रहने के बाद उन्होंने जनवरी 2025 में इंग्लैंड के खिलाफ व्हाइट बॉल क्रिकेट के जरिए राष्ट्रीय टीम में वापसी की थी। हालांकि, रेड बॉल क्रिकेट (Red Ball Cricket) से अब तक दूरी बनी हुई थी।
इंग्लैंड दौरे के लिए उनका नाम संभावितों में था, लेकिन बीसीसीआई (BCCI) की मेडिकल टीम से हरी झंडी न मिलने के चलते वे टेस्ट सीरीज का हिस्सा नहीं बन सके। लेकिन अब उनकी फिटनेस रिपोर्ट सकारात्मक है और वे पूरी तरह मैदान में लौटने को तैयार हैं।
दलीप ट्रॉफी से करेंगे लाल गेंद की वापसी
शमी को दलीप ट्रॉफी 2025 (Duleep Trophy) के लिए ईस्ट जोन की टीम में शामिल किया गया है। घरेलू स्तर पर बंगाल की ओर से खेलने वाले यह तेज गेंदबाज (Mohammed Shami) अब एक बार फिर रेड बॉल से अपनी धार दिखाने को तैयार हैं। ईस्ट जोन की कप्तानी युवा विकेटकीपर बल्लेबाज ईशान किशन (Ishan Kishan) को सौंपी गई है, जो इस समय इंग्लैंड में काउंटी क्रिकेट खेल रहे हैं। उप-कप्तान की भूमिका अभिमन्यु ईश्वरन को दी गई है।
यह भी पढ़े: अब Dulep Trophy में वेस्ट जोन का कप्तान बना ये खिलाड़ी
शमी के लिए यह टूर्नामेंट क्यों अहम है?
2023 वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल के बाद से शमी ने कोई टेस्ट नहीं खेला है। अब दलीप ट्रॉफी उनके लिए टेस्ट टीम में दोबारा जगह बनाने का सुनहरा मौका बन सकती है। यदि वे इस टूर्नामेंट में अच्छी लय में नजर आते हैं, तो एशिया कप 2025 और वेस्टइंडीज के खिलाफ होने वाली घरेलू सीरीज में उनकी वापसी की उम्मीद मजबूत हो सकती है।
- ईस्ट जोन का स्क्वाड:
ईशान किशन (कप्तान), अभिमन्यु ईश्वरन (उप-कप्तान), संदीप पटनायक, विराट सिंह, डेनिश दास, श्रीदाम पॉल, शरणदीप सिंह, कुमार कुशाग्र, रियान पराग, उत्कर्ष सिंह, मनीषी, सूरज सिंधु जायसवाल, मुकेश कुमार, आकाशदीप और मोहम्मद शमी। - स्टैंडबाय खिलाड़ी:
मुख्तार हुसैन, आशीर्वाद स्वैन, वैभव सूर्यवंशी, स्वास्तिक सामल, सुदीप कुमार घरामी और राहुल सिंह।
टूर्नामेंट की शुरुआत और मुकाबले
28 अगस्त से शुरू हो रही दलीप ट्रॉफी में कुल 6 टीमें भाग लेंगी। ईस्ट ज़ोन का पहला मुकाबला बेंगलुरु के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में नॉर्थ जोन के खिलाफ खेला जाएगा।
मोहम्मद शमी की वापसी से न सिर्फ ईस्ट जोन की टीम को मजबूती मिलेगी, बल्कि टीम इंडिया के गेंदबाजी अटैक को भी एक बार फिर संतुलन मिल सकता है। अब सबकी निगाहें शमी के प्रदर्शन पर टिकी हैं।
यह भी पढ़े: करो या मरो मुकाबले से पहले तगड़ा झटका, Bumrah की चोट ने बढ़ाई चिंता



