भारतीय क्रिकेट के उभरते सितारे अभिषेक शर्मा ने न्यूजीलैंड के खिलाफ तीसरे टी20 में अपनी आतिशी बल्लेबाजी से कोहराम मचा दिया। उन्होंने मात्र 14 गेंदों में अर्धशतक जड़कर न केवल भारत को जीत दिलाई, बल्कि इतिहास के पन्नों में अपना नाम भी दर्ज करा लिया। हालांकि, इस ऐतिहासिक पारी के पीछे उनकी मेहनत के साथ-साथ एक ‘लकी सीट’ का भी बड़ा हाथ रहा।

“कब आया, कब गया पता ही नहीं चला”
BCCI द्वारा साझा किए गए एक वीडियो में अभिषेक ने अर्शदीप सिंह के साथ बातचीत करते हुए अपनी ‘सुपरस्टीशियस’ (अंधविश्वासी) साइड का खुलासा किया। अभिषेक ने बताया कि दूसरे टी20 में शून्य पर आउट होने की वजह क्या थी। उन्होंने कहा, “दूसरे मैच से पहले मैं टीम बस में अपनी तय सीट के बजाय किसी दूसरी सीट पर बैठ गया था। फिर आपने देखा ही क्या हुआ, कब आया और कब गया, पता ही नहीं चला।”
An innings full of fire 🔥
— BCCI (@BCCI) January 26, 2026
Followed by a chat full of fun between friends 😄
🎥 Abhishek Sharma and Arshdeep Singh look back on Abhishek's scintillating show in Guwahati 💪 – By @RajalArora#TeamIndia | #INDvNZ | @IDFCFIRSTBank | @OfficialAbhi04 | @arshdeepsinghh…
तीसरे मैच से पहले ‘घर वापसी’
अभिषेक ने हंसते हुए बताया कि तीसरे मैच के लिए उन्होंने कोई जोखिम नहीं लिया। उन्होंने कहा, “तीसरे मैच से पहले मैं अपनी पुरानी वाली सीट पर वापस लौट आया। मैं सभी खिलाड़ियों से यही कहना चाहूंगा कि भाई, अपनी फिक्स सीट पर ही बैठो, टूर्नामेंट के दौरान फालतू एक्सपेरिमेंट की जरूरत नहीं है।”
मैदान पर दिखा ‘रुद्र रूप’
सीट का जादू कहें या अभिषेक का टैलेंट, उन्होंने 154 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए कीवी गेंदबाजों को संभलने का मौका नहीं दिया।
- अभिषेक का स्कोर: 20 गेंदों में नाबाद 68 रन (7 चौके, 5 छक्के)।
- साझेदारी: कप्तान सूर्यकुमार यादव (57*) के साथ मिलकर सिर्फ 40 गेंदों में 102 रनों की अटूट साझेदारी की।
- नतीजा: भारत ने मात्र 10 ओवरों में लक्ष्य हासिल कर लिया और 5 मैचों की सीरीज में 3-0 की अजेय बढ़त बना ली।
युवराज सिंह का रिकॉर्ड और अभिषेक
14 गेंदों में फिफ्टी जड़ने के साथ ही अभिषेक अब युवराज सिंह के 12 गेंदों वाले रिकॉर्ड के बेहद करीब पहुँच गए हैं। जब उनसे इस बारे में पूछा गया, तो उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा कि वह रिकॉर्ड तोड़ने के बारे में नहीं, बल्कि टीम को अच्छी शुरुआत देने के बारे में सोचते हैं।



